Category - लेख साहित्य

आगरा उत्तर प्रदेश कार्यक्रम लेख साहित्य

ईशान देव साहित्यिक क्लब द्वारा, कवि सम्मेलन का हुआ सफल आयोजन

आगरा। ईशान देव साहित्यिक क्लब द्वारा रविवार को सायं आगरा पब्लिक स्कूल के ऑडिटोरियम में महिर्षि अरविंद घोष जी की पुण्यतिथि को समर्पित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का...

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बेटी नहीं बहू हूं मैं आपकी

कलमकार। एक दिन पास बैठाकर बड़े प्यार से, सासू माँ ने बहू से कहा, आज से तुम बहू नहीं बेटी हो हमारी, देंगे बेटी सा प्यार, देंगे बेटी सा मान और सम्मान देंगे, यह...

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उस रोज……..कयामत

उस रोज़ कयामत दबें पांव मेरे घर तक आई थी। इंसान का मानता हूँ….. कोई वजूद नहीं। उस रब ने साथ मिलकर मेरी हस्ती मिटाई थी। उस रोज़ कयामत दबें पांव मेरे घर तक...

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आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी आंदोलन

कहते हैं आवश्यकता अविष्कार की जननी होती है और यही आवश्यकता आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करती है l वर्ष भर पूर्व समस्त विश्व को संक्रमित करने वाले कोविड-19...

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“सुहानी भोर”

खूबसूरत पैगाम मिला जो शाम…. किरण झिलमिलायी चाँदनी गुनगुनायी चाँद बेसब्री से बस चलता ही रहा… रजनी का आँचल रातरानी ज्यों खिल गयी.. सन्दली महक पवन...

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सत्यवान सौरभ की अनुपम दोहा कृति ‘‘तितली है खामोश’’

सन्तों की वाणी से निकले संदेश आज भी सतत रूप से लोक में व्याप्त हैं और उनका माध्यम दोहा छंद ही बना है। दोहा छंद प्राचीन छंद होते हुए भी आज तक साहित्यकारों एवं...

लेख साहित्य स्वास्थ्य

1 दिसंबर विश्व एड्स दिवस के अवसर पर विशेष

एचआईवी की पहचान के चार दशक बाद भी यह एक विश्वव्यापी समस्या बना हुआ है। कोरोना महामारी के कारण एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचने में...

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इश्क़ तल्खियाँ हैं जुदाई है

तोड़ दिया आखिर मेरा गुरुर, मेरी आत्मा, मेरा प्रेम, मेरी रूह का सुरूर। कौन कहता है आसमाँ रोता नहीं, शाम का आँचल यूँ ही तो सुर्ख होता नहीं । चाँद करता है रोज...

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शांति-गया स्मृति सम्मान में आगरा के साहित्यकार डॉ दिग्विजय कुमार शर्मा का चयन किया गया।

गया प्रसाद खरे स्मृति साहित्य, कला एवं खेल संवर्द्धन मंच के तत्वावधान में संस्थित शांति-गया स्मृति सम्मान 2020 एवं 2021 की घोषणा मंच के संयोजक श्री अरुण अर्णव...

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हो सके तो खत ये ज़बानी लिखना

सुनो न ! कभी इक खत लिखना हमसे है जो वो रस्में उलफत लिखना। लिखना की कैसे तुम्हें सताती हूँ मैं, तुम्हारी आँखों को क्या मैं जगाती हूँ ? ऐसे कैसे भला तुमको उकसाती...

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