उत्तर प्रदेश मथुरा

भव्य दिव्य वैष्णव वृन्दावन

इंडिया समाचार 24
डॉ दिलीप अग्निहोत्री

उत्तर प्रदेश के अनेक तीर्थ दुनिया में प्रसिद्ध है। किंतु इनके विश्वस्तरीय विकास पर पहले पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। योगी आदित्यनाथ दशकों की इस कमी को दूर कर रहे है। प्रयागराज कुम्भ अयोध्या दीपोत्सव धार्मिक आयोजन मात्र नहीं थे। इनको प्रकारन्तर में विकास कार्यो से भी जोड़ा गया था। काशी में भी विकास का नया स्वरूप देखने को मिल रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विगत चार वर्षों दौरान ब्रज क्षेत्र के विकास पर भी बहुत ध्यान दिया गया। अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र को वैश्विक पटल पर लाने,आस्था को सम्मान दिलाने,लोगों को रोजगार दिलाने का कार्य किया जा रहा है। विगत लगभग चार वर्षों में किए गए कार्यों के परिणाम दिखायी दे रहे हैं। आने वाले पांच छह महीनों के दौरान और परिणाम परिलक्षित होंगे। विकास के कार्यक्रम निरन्तर आगे बढ़ेंगे।

विश्व पटल ब्रज

मुख्यमंत्री कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक में सम्मलित हुए। उन्होंने कहा कि बारह वर्ष के बाद कुम्भ का अवसर आता है। उसी भावना के अनुरूप कुम्भ पूर्व वैष्णव वृन्दावन पूरी दिव्यता और भव्यता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। जैसा दिव्य और भव्य प्रयागराज कुम्भ का आयोजन हुआ था। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर पूज्य संतों के सान्निध्य से एक कार्ययोजना बनायी गयी। यह कार्ययोजना कुम्भ के स्वरूप,भव्यता और दिव्यता के साथ आयोजित की जा सकती है। यह आस्था का सम्मान है। हम सब इतनी भव्यता और दिव्यता के साथ वृन्वादन के इस कुम्भ पूर्व वैष्णव आयोजन को एक नई ऊंचाई की ओर अग्रसर कर रहे हैं। कुम्भ पूर्व वैष्णव वृन्दावन आयोजित होने का प्रस्ताव आया,तब पूरा देश और पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना से त्रस्त थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में पूरे देश में कोरोना के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करते हुए इस लड़ाई को जीता गया।

 संस्कृति विरासत की अभिव्यक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज कुम्भ-2019 ने एक मानक बनाया। पूज्य संतों के सानिध्य में कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया और प्रयागराज कुम्भ ने सुरक्षा, सुव्यवस्था और स्वच्छता का मानक तय किया। यूनेस्को ने भी प्रयागराज कुम्भ को ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ बताया। उन्होंने ब्रज क्षेत्र की समृद्ध परम्परा की चर्चा करते हुए कहा कि जितनी प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इस क्षेत्र की है, वह किसी के पास नहीं है। इस क्षेत्र की सेवा करने का सौभाग्य उन्हें मिला है। ब्रज क्षेत्र को एक नई पहचान देते हुए यहां की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखते हुए एक नये स्वरूप में प्रस्तुत करने का कार्य किया जा रहा है। यहां पर गो सेवा का भी कार्य हो रहा है। वर्तमान सरकार ने निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए विशिष्ट योजनाएं दी हैं। इस कार्य में सभी की भागीदारी होनी चाहिए।

विकास कार्यों की गतिशीलता

मुख्यमंत्री ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद की तृतीय बोर्ड बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों को स्वच्छ,सुन्दर एवं आकर्षक ढंग से विकसित करने के लिए सभी विभाग अन्तर्विभागीय समन्वय के साथ कार्य करें। तीर्थ स्थलों पर संचालित कार्यों को समय-सीमा के अन्तर्गत पूर्ण करने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य किया जाए। जो कार्य अभी प्रारम्भ नहीं किए गए हैं,उन पर सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर कार्य शीघ्र प्रारम्भ कराए जाएं। संचालित कार्यों को समयबद्ध ढंग से मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। ब्रज चौरासी कोसी परिक्रमा में पड़ने वाले सात महत्वपूर्ण स्थानों पर धार्मिक फिल्मों का प्रदर्शन किया जाए, जिससे पर्यटकों की धार्मिकता के प्रति आस्था बढे़।

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