आगरा उत्तर प्रदेश शिक्षा

शिक्षक संगठन की एकतरफा मांग पर शिक्षकों के एक दिन के वेतन की कटौती को लेकर यूटा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

आगरा। सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से संज्ञान में आया है कि एक शिक्षक संगठन द्वारा मांग की गयी है कि शिक्षकों के एक दिन का वेतन काट कर कोरोना महामारी से मृत शिक्षकों/ शिक्षामित्रों/ अनुदेशकों एवं कर्मचारियों के परिवारों को वितरित किया जाए।
महोदय, शिक्षक संगठन द्वारा लिया गया निर्णय एक तरफा है जिसके कारण शिक्षकों में अत्यंत रोष व्याप्त है। प्रदेश के सभी शिक्षक/कर्मचारी एवं शिक्षक संगठन इस निर्णय के पक्ष में नहीं हैं।
महोदय, जैसा कि आपको विदित है कि पूर्व में भी सरकार के आह्वान पर शिक्षकों/कर्मचारियों ने अपने एक दिन का वेतन (रुपये 76 करोड़ से अधिक) मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दिया था। इसके अतिरिक्त भी कोविड-19 महामारी से बचाव हेतु धनराशि की व्यवस्था के लिए सरकार ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों के माह जनवरी 2020 से लेकर अब तक के समस्त महंगाई भत्तों की देय किस्तों को रोक दिया गया है, जिसमें मात्र बेसिक शिक्षकों की रोकी गयी धनराशि ही रुपये 2 हज़ार करोड़ से अधिक है। अतः शासन का दायित्व है कि कोरोना महामारी से शहीद हुए शिक्षकों/ शिक्षामित्रों/ अनुदेशकों एवं कर्मचारियों के परिवारों को उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार रुपये एक करोड़ की आर्थिक सहायता के साथ ग्रेच्युटी, पुरानी फैमिली पेंशन, एवं योग्यतानुसार श्रेणी-‘ग’ के अंतर्गत नौकरी दें।
चूंकि माननीय माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा भी शिक्षकों के वित्तीय हितार्थ हेतु पहले ही आश्वासन दे दिया गया था, अतः इस प्रकार की कटौती उचित नहीं है। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश शिक्षकों के एक दिन के वेतन की कटौती का समर्थन नहीं करता है एवं शासन व विभाग से अपेक्षा करता है कि कोरोना महामारी से मृत समस्त शिक्षकों/ शिक्षामित्रों/ अनुदेशकों एवं कर्मचारियों के परिवारों को उपरोक्त समस्त लाभ एवं सुविधाएं अति शीघ्र मुहैया कराई जाएं।

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