नई दिल्ली

प्रगति पर एक्ट ईस्ट पॉलिसी

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्ट ईस्ट पॉलिसी व आत्मनिर्भर भारत अभियान का शुभारंभ किया था। इसके दृष्टिगत अनेक कदम उठाए गए थे। यद्यपि कोरोना संकट के कारण इस अभियान में बाधा आई है। लेकिन देश का मंसूबा कायम है। जिन क्षेत्रों में आत्मनिर्भर अभियान की उल्लेखनीय प्रगति हुई है,उसमें रक्षा भी शामिल है। भारत अब हथियारों का निर्माता व निर्यातक बनने की दिशा में अग्रसर है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत अनेक रक्षा उत्पादों का निर्यात भी शुरू हुआ है। अनेक रक्षा उत्पादों का आयात बन्द किया गया। क्योंकि अब इनका निर्मांण भारत में होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अभी तक भारत विभिन्न तरह के गोला बारूद और हथियार विदेशों से आयात करता था लेकिन अब फैसला लिया गया है कि भारत अपनी धरती पर ही सेनाओं के लिए हथियारों का निर्माण करेगा।​ इतना ही नहीं घरेलू जरूरतें ​पूरी करने के बाद विदेशों को भी भारत में बने हथियार निर्यात किये जायेंगे​।​ रक्षा मंत्री ने कहा कि दो दिन पहले ही गलवान घाटी में हुई घटना को एक साल बीते हैं। भारतीय सेना ने अपने शौर्य एवं पराक्रम का परिचय देते हुए अपना बलिदान दिया है​​। ​उन्होंने शहीद जवानों की वीरता को नमन ​करते हुए कहा कि सीमा क्षेत्रों का विकास होने का फायदा हमारी सेनाओं को भी मिलेगा​​।​​ राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार एक्ट ईस्ट पॉलिसी के अंतर्गत सीमाई क्षेत्रों के संपूर्ण विकास पर बहुत अधिक जोर दे रही है। सीमावर्ती राज्यों में बड़ी संख्या में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण पुलों और सड़कों के कार्य को पूरा किया गया है​​।​ पिछले सात सालों के दौरान सड़क परियोजनाओं और अन्य​ इंफ्रास्ट्रक्चर​​​ विकसित करने के लिए ​बीआरओ के ​बजट में तीन से चार गुना की वृद्धि की गई है​​। ​पिछले सात सालों में ​यहां की ​​सुरक्षा की स्थिति​ में अभूतपूर्व सुधार हुआ है​​।​​ हिंसा से सम्बंधित घटनाओं में पच्चासी प्रतिशत और नागरिकों और सुरक्षा बलों की ​दुर्घटनाओं में कमी आई है​​​​​​​​।

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