देश-दुनिया नई दिल्ली

विश्व सोशल मीडिया डे – दुनिया के लोगों को आपस में जोड़ने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा यह ‘प्लेटफार्म’

शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार

नई दिल्ली। आज हम एक ऐसे माध्यम की बात करेंगे जिसने करोड़ों लोगों को अपने विचार प्रकट करने के साथ बोलने की आजादी भी दी। बहुत ही कम समय में यह लोगों को अपनी बात रखने और विरोध प्रकट करने का सबसे मजबूत ‘हथियार और गेम चेंजर’ बन गया। इसके साथ ‘राजनीतिक दलों के नेताओं का भी यह प्लेटफार्म ‘सियासी अखाड़ा’ बन चुका है’। पिछले डेढ़ सालों से कोरोना वायरस संकटकाल के दौरान देश में
‘भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम सियासी दलों के नेताओं ने एक दूसरे पर इसी के सहारे आरोप-प्रत्यारोप और हमले बोलते आ रहे हैं’ । सियासी दलों के नेता पिछले काफी समय से ‘वर्चुअल’ के माध्यम से बैठक और रैली भी कर रहे हैं। इसके साथ व्यापार, शॉपिंग संदेश, ऑनलाइन पढ़ाई, जागरूकता आदि क्षेत्र में भी ये प्लेटफार्म करोड़ों यूजर्स का साथी बना हुआ है। जी हां हम बात कर रहे हैं ‘सोशल मीडिया प्लेटफार्म’ की। ‘आज विश्व सोशल मीडिया दिवस है’ । हर साल 30 जून को विश्व सोशल मीडिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टि्वटर, यूट्यूब आदि ऐसे माध्यम हैं जो सोशल मीडिया के रूप में जाने जाते हैं। आज हम सोशल मीडिया की बढ़ती ताकत को लेकर बात करेंगे। ‘संचार माध्यम को लेकर करीब एक दशक पहले दुनिया क्या थी और आज क्या है, इन वर्षों में समूचे विश्व में अगर सबसे तेज ग्रोथ किसी की हुई है तो वह सोशल मीडिया ही है, हाल के वर्षों में मीडिया से भी ताकतवर सोशल मीडिया उभर कर सामने आया है’। बता दें कि सोशल मीडिया दिवस का मुख्य उद्देश्य यह है कि विश्व में सोशल मीडिया संचार के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में कैसे उभरा इसके बारे में सभी को बताया जा सके। ‘गौरतलब है कि उस समय विश्व में सोशल मीडिया के प्रभाव और वैश्विक संचार में इसकी भूमिका पर जोर देने के लिए विश्व सोशल मीडिया दिवस को मनाया गया था’। दुनिया भर में सबसे पहले 1997 में पहला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘सिक्स डिग्री’ लॉन्च किया गया था। वहीं साल 2001 में इसके दस लाख से अधिक यूजर्स होने के बाद इसे बंद कर दिया गया । लेकिन कुछ वर्षों के बाद सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म ने दुनिया में तेजी से विस्तार शुरू कर दिया। ‘पिछले एक दशक से सोशल मीडिया दुनिया के कोने-कोने से लोगों को आपस में जोड़ने का अहम साधन बनकर उभरा है’। इसके अलावा सोशल मीडिया प्रमुख प्रभावशाली लोगों को अपना ब्रांड बढ़ाने में मदद करता है।

दुनिया की कुल आबादी में 60 प्रतिशत से अधिक सोशल मीडिया से जुड़े हुए हैं—

यहां हम आपको बता दें कि दुनिया की कुल आबादी के 60 प्रतिशत से अधिक के बराबर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। मैसेजिंग सर्विस ऐप पर हजारों मील दूर बैठे व्यक्ति से जुड़ सकते हैं। ‘एक बटन के टैप पर आपके पास दुनिया हो सकती है’। अपनी विशेषज्ञता साझा करने से लेकर दृश्यता बढ़ाने और लोगों को शिक्षित करने तक, सोशल मीडिया के पास देने के लिए बहुत कुछ है। यह हर वर्ग की आयु को खूब लुभा रहा है । महत्वपूर्ण समाचार और घटनाओं को सबसे तेजी से सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। आज के समय में सोशल मीडिया ‘गेम चेंजर’ बन गया है। वहीं कोरोना महामारी के बीच हताश लोगों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘हेल्पलाइन’ के रूप में बदल गया है। लेकिन यह भी सही है कि बहुत से लोगों ने इस माध्यम का गलत उपयोग करने में भी लगे हुए हैं । एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक साल में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 7.6 फीसद बढ़ी है। यह 4.72 अरब तक पहुंच गई है। यह दुनिया की आबादी के 60 प्रतिशत से अधिक के बराबर है। डेटा के मुताबिक एक साल में आधे अरब से अधिक नए उपयोगकर्ता सोशल मीडिया से जुड़े हैं। अप्रैल 2021 तक 4.33 बिलियन लोग सोशल मीडिया यूजर्स हैं। भारत में जनवरी 2021 तक 448 मिलियन सोशल मीडिया उपयोगकर्ता हैं। व्हाट्सएप- 53 करोड़, यूट्यूब- 44.8 करोड़, फेसबुक- 41 करोड़, इंस्टाग्राम- 21 करोड़, टि्वटर- 1.75 करोड़ यूजर है।

केंद्र सरकार का सोशल मीडिया की साइट ट्विटर से टकराव नहीं हो रहा खत्म—

सोशल मीडिया ने आज दुनिया के तमाम सरकारों की नींद ही उड़ा रखी है। भारत समेत कई देशों में यह सोशल साइट सरकारों से सीधे ‘उलझ’ रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इसके पास आज अरबों रुपये का व्यापार के साथ करोड़ों यूजर्स की ताकत भी है । अधिकांश यह सोशल साइट अमेरिका की है और कैलिफोर्निया में इसका मुख्यालय है। अगर भारत की बात करें तो केंद्र सरकार और सोशल साइट ट्विटर के रिश्तों में ‘तनातनी’ खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। हाल के दिनों में ट्विटर ने पहले भारत के उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू के अकाउंट से ‘ब्लूटिक’ हटाने की हिमाकत की, फिर देश के आईटी मंत्री के ट्विटर अकाउंट को ही लॉक कर दिया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर के नक्शे को देश के नक्शे से अलग करने वाली पोस्ट डाल दी। हालांकि बाद में कंपनी ने इसे सुधार लिया था। ट्विटर भले ही अमेरिका के कानून से चलता हो, लेकिन अब उसके खिलाफ भारत के कानून के हिसाब कार्रवाई शुरू हो गई है। दरअसल कथित कॉपीराइट उल्लंघन के लिए ट्विटर द्वारा केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के अकाउंट बंद करने के बाद संसदीय पैनल के चेयरमैन शशि थरूर ने कहा था कि उनके साथ भी ऐसा ही हुआ था। थरूर ने समिति को निर्देश दिया था कि रविशंकर प्रसाद और उनके अकाउंट पर रोक लगाने को लेकर ट्विटर से जवाब मांगा जाए। अब ट्विटर से दो दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है।

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