आगरा उत्तर प्रदेश

लगातार बढ़ती कम्रतोड़ महँगाई पर कन्ट्रोल नहीं कर पा रही मोदी सरकार : संजीव कुमार सिंह

आगरा। जनता को जीवित रहने के लिए रोटी चाहिए जुमले वाले भाषण नहीं। कोविड 19 संकट काल में लगातार बढ़ती महँगाई की मार से ग़रीब जनता बेहद दुःखी हैं। इस कम्रतोड़ महँगाई पर मोदी सरकार कन्ट्रोल नहीं कर पा रही हैं। सरकार आपदा में भी जनता के रोज़ना उपयोग में आने वाली बस्तुओं की कीमतें बढ़ाकर लूटने के नए नए अवसर तलाश रही हैं। मोदी सरकार में सिर्फ़ पेट्रोल/डीजल ही नहीं सभी जरूरी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। ध्यान दें, महामारी मे लोगो को को अस्पताल,
आक्सीजन,एम्बूलेंस और दवाओ की कमी की किल्लत से जुझना पड़ा। लाखो लोगो को अपनी जान गवानी पड़ी, मगर अफसोस पिछले छे सालो मे एक भी आक्सीजन प्लांट,वेेंटीलेटर बेड बनाने की फैक्ट्री या कोई बड़ा अस्पताल नही बन सका। भले ही स्वागत सम्मान पर करोड़ो खर्च कर फूल बरसा़ये गये हो। लेकिन लोगों को जीवित रहने के लिए रोटी चाहिए जुमले वाले भाषण नहीं। ये राष्ट्रीय नेता भारतीय राष्ट्रीय काँगेस, आल इंडिया कांग्रेस कमेटी, उत्तरप्रदेश के पर्यवेक्षक एवं प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और सुप्रीमकोर्ट के मशहूर वकील संजीव कुमार सिंह का कहना हैं।

इस संदर्भ में राष्ट्रीय नेता भारतीय राष्ट्रीय काँगेस, आल इंडिया कांग्रेस कमेटी, उत्तरप्रदेश के पर्यवेक्षक एवं प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और सुप्रीमकोर्ट के मशहूर वकील संजीव कुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मोदी सरकार में सिर्फ़ पेट्रोल/डीजल ही नहीं सभी जरूरी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। ध्यान दें, देश में क्या चल रहा है..? सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही महंगा नही हुआ हैं ? 2014 के पहले सरसो तेल और रिफाइंड ऑयल 65 रुपये प्रति लीटर था। अब 160 रुपए प्रति लीटर हैं। चीनी 25 रुपये प्रति किलो थी। अब 42 रुपए प्रति किलो हैं। पूरे देश में सबसे महंगी बिजली उत्तर प्रदेश में मिल रही है। सीमेंट की कीमत 195 रुपये थी। अब 410 रुपए स्टील की कीमत 3600 रुपये थी। अब 6500 रुपए रेत हैं। 1500 रुपए की ट्राली थी आज 6000 रुपए की ट्रॉली हैं। मोटरसाइकिल की कीमत 40,000 रुपये थी। अब 90,000 रु.मेडिक्लेम बीमा 1049 रुपये प्रति 1 लाख था,अब रु.4100 हैं। डिश रीचार्ज 110 रुपए था, अब 450 रुपए हैं। 350 रुपये का था गैस सिलेंडर, अब 880 रु गैस सब्सिडी 250 रुपये थी, अब 0 जीरो हैं। यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए अधिकतम 100 रुपये थी।अब रु.10000 हैं। 60 साल में अकेले देश का 55000 करोड़ का कर्ज था । अब 1 लाख 80000 करोड़ है। ड्राईविंग लाईसेन्स 250 मे बनता था। अब 5500 मे बनता है। घरेलू असलहा का रिन्यूल 1000 में होता था। अब 6000 में होता है। 27 करोड़ परिवार गरीबी रेखा से नीचे थे,अब 35 करोड़ परिवार गरीबी रेखा के नीचे जा चुके हैं। रेलवे प्लेटफॉर्म टिकट 5 रुपये, अब प्लेटफार्म टिकट 30 रु हैं। मिट्टी का तेल 20 रुपये प्रति लीटर,अब 60 रुपए प्रति लीटर और मिलना भी बन्द हो गया है। मोबाइल इनकमिंग फ्री था। पहले महीने का डाटा 99 में था अब वही 250 में हैं साथ ही अब इनकमिंग जारी रखने के लिए 49 रूपये प्रतिमाह देना पड़ता है। ATM से पैसे निकालने का चार्ज Rs.0 था। अब 3 बार से ज्यादा निकालने पर हर बार 105 रुपये। देश पर 2.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था। अब 25 लाख करोड़ सकल घरेलू उत्पाद प्लस 11% था। अब माइनस 24% बेरोजगारी दर 2% थी,अब 14% से भी ज्यादा है। छे साल बीत चुके हैं,कोई बड़ा अस्पताल नहीं बनाया गया। ना हम विश्वगुरु बन पाये,ना 15 लाख प्राप्त हुए। कोई काला धन वापस नहीं आया,ना दाऊद,नीरव मोदी ,मेहूल चौकसी और विजय माल्या या किसी एक बैंक भगौड़े को पकड़ कर भारत वापस लाया गया। 7 साल मे कोई रोजगार नहीं, न गंगा मईया स्वच्छ हो पायी,महिलाओं पर हो रहे अत्याचार नहीं रुके। कोई स्मार्ट सिटी नहीं मिला। कोई बुलेट ट्रेन नहीं चली। कोई आतंकवादी गतिविधी या घटना नहीं रुका। कोई मुद्रास्फीति कम नहीं हुई। कोई पेट्रोल-डीजल सस्ता नहीं हुआ। किसी किसान को सही कीमत नहीं मिली। कोई कश्मीरी पंडित घर नहीं लौटा। ना स्टार्टअप इंडिया, ना मेक इन इंडिया,ना स्किल इंडिया,ना डिजिटल इंडिया, प्यारे मोदी जी की लाल आँखो से ना चीन घबराया,कोई डॉलर का दाम नहीं गिरा,कोई गरीब को आरक्षण प्राप्त नहीं हुआ,कोई दलितो के उपर अत्याचार कम नही हुआ बल्कि 200% उसमे वृद्धि हुई। नहीं,सीमा पर जवानो की शहादत कम नही हो सकी।

श्री सिंह ने कहा कि स्वघोषित पहरेदार के द्वारा 18-18 घंटे काम करने के बाद वास्तव में क्या हुआ? अच्छे दिन वाली सरकार 7 साल में क्या क्या काम करती रही है..? आधार कार्ड बनाओ। जो बैंक में खाते है उसे आधार नंबर से जोड़ों,आधार नंबर को मोबाइल से लिंक करें। आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक करें। एलपीजी गैस नंबर आधार से लिंक। जुलाई से पहले रिटर्न भरें।एनोटेशन बदलें। बदले हुए नोटों का हिसाब रखें। देशहित गैस सब्सिडी को छोड़ने का काम करे। अक्सर एटीएम से पैसे न निकालें। अगर आप लंबे समय तक एटीएम से पैसे निकालते हैं, तो पेनल्टी का भुगतान करें। पैसा बैंक खाते में जमा करें। बैंक खाते में पैसा कम रखें तो जुर्माना अदा करें। यदि आप बैंक खाते में अधिक पैसा डालते हैं, तो खाते में बताएं कि आपको इतना पैसा कहाँ मिला है। यदि आप बैंक में अधिक पैसा डालते हैं, तो कर का भुगतान करें। अपने माल पर कर का भुगतान,सेवा पर कर का भुगतान करें। कफन पर टैक्स देना। अपना सारा पैसा बैंक में रखो और 40 हजार से ज्यादा पैसे निकालने के लिए सरकारी आदेश का पालन करे। आपके खाते में रखे गए पैसे की जिम्मेदारी आपका बैंक नहीं लेगा। आधार नंबर होने पर ही बच्चों को स्कूल मे एडमिशन मिलेगा। स्कूल में योग करो क्योंकि योगगुरू रामदेव इसी से मोदी सरकार की सब्सिडी पाकर अब बिजनेस टॉयकुन बन कर फैक्ट्री चला रहे हैं। आप सार्वजनिक रूप से चीनी वस्तुओं का प्रयोग न करें। चीनी कंपनियों को केवल सरकार ही ठेका दे सकती है। पेट्रोल/डीजल समेत सभी जरूरी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं,कहीं भी कुछ भी खरीदें। लेकिन सरकार को जीएसटी देना ना भुले। हर वस्तु पर अलग-अलग तरह का जीएसटी टैक्स देना पड़ेगा। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के स्टेशन के उदघाटन के लिये झोंपड़ पट्टीयो को करोड़ो रुपये खर्च कर दिवार बनाकर ढकने का काम पूरा किया गया लेकिन कोरोना महामारी के लिये आम लोगों से भीख मांगी गयी। मंदिर मामले में 2 रुपये की चीज 18 रुपये में ली गई। सरकार ने भारत में 800 रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई प्रदान करने के लिए गूगल के साथ 4.5 लाख करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। किसानों की कर्जमाफी के लिए 86,000 करोड़ रूपये नही थे। लेकिन सरकार के पास वाईफाई के लिए 4.5 लाख करोड़ रुपए हैं।गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में सिर्फ 69 लाख रुपये के भुगतान न हो पाने से ऑक्सीजन की कमी से गरीब परिवारो के 100 से भी ज्यादा बच्चे मौत का शिकार हुए। 75 सांसद और 337 विधायकों वाले मुख्यमंत्री योगी जी का कहना है कि अस्पताल में बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं बल्कि अस्वच्छ परिस्थितियों के कारण हुई। अब बताओ, क्या उनका “स्वच्छ भारत अभियान” भारत में नहीं पाकिस्तान में है?
अच्छे दिन,यह जीवित रहने के लिए भाषण नहीं है, यह सरकार के लिये एक राशन है जो अपने बचाव के लिए इस्तमाल करते है। क्या आप यह नहीं जानते?” मोदी सरकार इस मुश्किल वक्त में मुनाफाखोरी कर देश की जनता को लूटने का काम कर रही हैं। कोरोना संकट काल में जहां एक तरफ देश स्वास्थ्य एवं आर्थिक महामारी से लड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार डीजल, पेट्रोल तथा घरेलू गैस की कीमतों और उस पर लगने वाले उत्पादन शुल्क को बार-बार बढ़ाकर इस मुश्किल वक्त में मुनाफाखोरी कर देश की जनता को लूटने का काम कर रही है। देश की जनता के साथ धोखा देने का काम किया जा रहा हैं। जनता इसका हिसाब आने वाले चुनावों में भाजपा को हराकर पूरा करेगी।

संजय साग़र

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