आगरा उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में कम से कम पँजाबी,सिन्धी और सिख समाज को चुनावों में 50 टिकट दी जाए : वरिष्ठ समाजसेवक राजेश खुराना

आगरा। गर्व से कहो हम एक हैं, हमारे इरादे अपने समाज के लिऐ नेक हैं सिधीं पंजाबी एकता जिंदाबाद। आज चाहे केन्द्र या प्रदेश सरकार हो पँजाबी,सिन्धी ओर सिख समाज की हमेशा उपेक्षित किया गया हैं। हमको यह बात अपने दिल में रख लेनी चाहिए। क्रांतिकारी और बहुत ही महत्वपूर्ण विचार हैं। सबसे पहले आपस में एकता बहुत जरुरी हैं। इस कटु सत्य से हम पूर्णतः सहमत हैं। अब समाज को जगने की जरूरत हैं। ये प्रमुख समाज सेवक व आत्मनिर्भर एक प्रयास के चेयरमैन राजेश खुराना का कहना हैं।

इस महत्वपुर्ण विचार को बढ़ाते हुए संवाददाता वार्ता में अपनी बात वक्तव्य करते हुए प्रमुख समाज सेवक एवं आत्मनिर्भर एक प्रयास के चेयरमैन राजेश खुराना ने बताया कि आगरा में हर विधान सभा पर सिंधी,पंजाबी और सिख लगभग 1 लाख से ऊपर है,फिर भी टिकट नही क्या कारण है..? यह बात दुर्भाग्यपूर्ण है। सिंधी, पंजाबी और सिख ऐसा समाज है जो देश मे अत्याधिक टैक्स देता है,देश को आजाद करवाने में अनगिनित बलिदान दिया हैं। ईमानदारी से जिम्मेदारी के साथ सेवा भाव देश के लिए शरीर के हर हिस्से में है। देश मे यह मार्शल कोम है। फिर क्या कारण है .? जो हमे टिकट नही दी जाती है। गर्व से कहो हम हिन्दू है,फिर पंजाबी,
सिंधी और सिख है। यह हम पंजाबी, सिख,
सिंधी समाज के विचार हैं। पंजाबी सिंधी सिख समाज हर समाज का सम्मान व हर संकट में सेवा करता है। क्योंकि पंजाबी, सिख और सिंधी समाज का इतिहास पूर्व से अब तक आपस मे एक है। कोई भी राजनीतिक पार्टी इसको अपनी चतुराई के बल पर आपस मे बाट नही सकती। चतुर राजनीतिक पार्टीया के कुछ समाज सिंधी पंजाबी सिख को हर तरह से आज भी अलग-अलग करना चाहती है, उसके पीछे कारण एक ही है,यह सिंधी पंजाबी और सिख मिलकर विधानसभा में टिकटों की दावेदारी न कर दे। अब जब इनको टिकट देनी पड़ेगी,तो हमारे समाजो की भागीदारी कम हो जावेंगी। हम समस्त सिंधी,पंजाबी और सिख समाज से विनम्र अपील करते हैं कि हम अपनी एकता को हर हाल में बनाये रखेगें। जिससे इन पार्टियों को अपनी ताकत एक बार ऐसी दिखाओ की इनको आगरा जनपद के साथ – साथ उत्तर प्रदेश में कम से कम 50 टिकट दी जाए। अब समय आ गया है। सबसे पहले हमारा दावा भारतीय जनता पार्टी की तरफ इसलिए है क्योंकि हमारा समाज आजादी के बाद से संघ से जुड़ा हुआ है। अगर बीजेपी हमारी अनदेखी करती हैं तो उसके बाद दूसरे दलों से हैं। सिख, सिंधी और पंजाबी किसी को भी टिकट मिले पूरा समाज एक होकर तन मन धन से उसको विजयी बनावे। अगर फिर भी टिकट कोई पार्टी नही देती है, तो निर्दलीय समाज का व्यक्ति खड़ा करें और अपने समाज के व्यक्ति को इतने वोट दो की आने वाले समय मे राजनीतिक दल आपकी ताकत को समझे।

संजय साग़र

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