लेख साहित्य

शिव जी का प्रिय श्रावण मास

सभी शिव भक्त पूरे साल इस मास का इंतजार करते हैं। माना जाता है कि इस मास शिवजी की पूजा-अर्चना विधि विधान से करने से भक्तों की मनोकामना पूरी होती हैं। और हर हर महादेव के जयकारे की आवाज़ सुनकर भगवान शिव अपने भक्तों पर प्रसन्न हो जाते हैं। वैसे भी शिवजी भोले-भाले है इसलिए उन्हें भोलेनाथ भी कहते हैं। इस मास शिव जी का जलाभिषेक किया जाता है।इसका भी बहुत महत्तव है। इससे भगवान शिव अपने भक्तों पर कृपा दृष्टि डालकर उनके कष्टों को हर लेते हैं , व बेलपत्र ,गंगाजल अर्पण करने पर शिवजी अपने भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं। और उन्हें मनवान्छित फल देते हैं।मान्यताओं के अनुसार इस मास भगवान शिव पृथ्वीलोक पर विचरण करने आते हैं। क्युंकि शिवजी को पृथ्वीलोक की देखभाल की जिम्मेदारी मिली है। इसलिए इस मास शिवजी पृथ्वीलोक पर आकर विचरण करते हैं।और अपने भक्तों का कल्याण करते हैं। भगवान शिव को यह श्रावण मास बेहद प्रिय है। इस मास लोग रुद्राभिषेख भी कराते है। भारत देश में पूरे उत्साह के साथ सावन महोत्सव मनाया जाता है। कंवारी कन्या अच्छे वर के लिए इस मास उपवास रखती हैं एवम् पूजा करती हैं। विवाहित स्त्रियाँ अपने पति के लिए मंगल कामना करती हैं। इस मास विवाहित स्त्रियाँ हरे रंग की चूडियां पहनती हैं , एवं व्रत व पूजा पाठ करती हैं, तो उनका सौभाग्य अखंड रहता है। पुरुष भी इस मास शिवजी की पूजा करते हैं। कांवर यात्रा करके यह पूजा अर्चना पुरुषों द्वारा भी की जाती है। कहा जाता है कि भगवान राम ने भी कावड़ी के रूप में जल चढाया था। आतः श्रावण मास का यह महीना स्त्री पुरुष दोनों के द्वारा अपने- अपने तरीके से मनाया जाता है। और इस मास किया गया पूजा -पाठ बहुत ही शुभ फलदायी होता है।
हर हर महादेव

अनीता श्रीवास्तव -आगरा

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