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तथ्यों पर आधारित योगी की सराहना

लखनऊ। पिछले दिनों उत्तराखंड और गुजरात के मुख्यमंत्री पदों में बदलाव किया गया था। इसको लेकर अटकलें चलाई गई। कहा गया कि भाजपा अपने मुख्यमंत्रियों को बदल देती है। इससे कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश में निराधार अटकलें चलाने वालों को बल मिला। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अलीगढ़ यात्रा ने ऐसे लोगों के मंसूबो पर एक बार फिर पानी फेर दिया। इसके पहले नरेंद्र मोदी ने काशी में योगी आदित्यनाथ की जम कर प्रशन्सा की थी। उनका कहना था कि योगी सरकार की उपलब्धियां गिनाने के लिए बहुत समय लग जायेगा। यह भी दुविधा रहती है कि जिस उपलब्धि की चर्चा करें,और किसको छोड़ दें। नरेंद्र मोदी ने अलीगढ़ में भी योगी आदित्यनाथ द्वारा किये गए बुनियादी बदलावों का उल्लेख किया। जिसके चलते उत्तर प्रदेश में विकास के अनुकूल माहौल कायम हुआ। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पहले के उत्तर प्रदेश में माफियाओं के इशारे पर व्यवस्था संचालित होती थी। गरीबों के लिए संचालित केंद्र की योजनाओं में अड़ंगेबाजी की जाती थी। आज उत्तर प्रदेश बदल गया है। माफिया सलाखों के पीछे हैं। विकास परक योजनाएं तेजी से पूर्ण हो रही हैं। पहले उत्तर प्रदेश केंद्र की योजनाओं के प्रदर्शन के मामले में निचले पायदान पर रहता था। आज ज्यादातर योजनाओं में अग्रणी राज्य के रूप में है। यूपी का सांसद होने के नाते आज के उत्तर प्रदेश को देखकर मुझे खुशी हो रही है। युद्धपोत और मिसाइल से लेकर अन्य उपकरण बनाने का अभियान चल रहा है। अब भारत रक्षा उपकरणों को खरीदने वाले देश के रूप में नहीं हैं। हम उस छवि से बाहर निकल आये हैं। हम निर्माण कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश डिफेंस के मनुफैक्चरिंग के मामले में बहुत आगे जा रहा है। अलीगढ़ नोड में छोटे हथियार,डिफेंस पैकेजिंग बन सके इसके लिए नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। यह इस क्षेत्र को नई पहचान देगा। लोग अभी तक अपने घर और दुकान की सुरक्षा के लिए अलीगढ़ पर निर्भर रहते थे। अलीगढ़ का ताला लगाने के बाद लोग निश्चिंत हो जाते थे।नरेंद मोदी ने अलीगढ़ से संबंधित संस्मरण भी सुनाया। कहा कि कल तक जो अलीगढ़ ताले के माध्यम हमारे घर और दुकान की सुरक्षा करता था। अब इक्कीसवीं सदी का अलीगढ़ देश की सीमाओं की रक्षा करेगा। डिफेंस कॉरिडोर के जरिए तमाम उपकरण बन रहे हैं जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होंगे। उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर बहुत बड़ा अवसर लेकर आ रहा है। यह तब होता है जब निवेश के लिए माहौल मिलता है। योगी और उनकी टीम ने सबका साथ सबका विश्वास और सबका साथ के आधार पर काम किया है। अब इसे सबके प्रयास से और आगे बढ़ाना है। जेवर एयरपोर्ट,मेट्रो, आधुनिक हाई वे जैसे अनेक काम पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रहे हैं। आने वाले समय मे यह प्रोजेक्ट विकास का बहुत बड़ा आधार बनेंगे। जिस उत्तर प्रदेश को पहले देश के विकास की गति को धीमा करने के लिए जाना जाता था। आज यूपी विभिन्न क्षेत्र में नंबर एक हो गया है। पांच वर्ष पहले गरीबों की हर योजना को लागू करने के लिए रोड़े लगाए जाते थे। आज योगी की सरकार में उत्तर प्रदेश तेजी से बढ़ रहा है। लोग भूल नहीं सकते जब यूपी को भ्रष्टाचार के हवाले छोड़ दिया गया था। एक वक्त था जब गुंडों माफियाओं की हनक चलती थी। उनके इशारे पर पूरा तंत्र चलता था। पांच साल पहले पश्चिम यूपी में बहन बेटियों को घर से बाहर जाने में डर लगता था। जबतक बेटियां वापस न आ जाएं परिजन डरे सहमे रहते थे। लोगों को अपना घर छोड़ने पर भी मजबूर होना पड़ता था। आज यूपी में कोई अपराधी ऐसा करने पहले सौ बार सोचता है। योगी की सरकार में गरीबों की सुनवाई और सम्मान भी है। उत्तर प्रदेश में आठ करोड़ से अधिक वैक्सीन लगाया जा चुका है। देश में एक दिन में सबसे अधिक टीका लगाने का रिकार्ड भी उत्तर प्रदेश के ही नाम है। जो दुनिया के बड़े-बड़े देश नहीं कर पाए। वह आज हमारा देश कर रहा है। उत्तर प्रदेश कर रहा है। उत्तर प्रदेश में एमएसपी पर खरीद के नए रिकार्ड बने हैं। गन्ना किसानों का एक लाख चालीस हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बीते चार साल में किया गया। नरेंद्र मोदी ने अमृत महोत्सव का भी उल्लेख किया। इससे संबंधित आयोजन भी योगी आदित्यनाथ सराहनीय रूप कर रहे है। आजादी की लड़ाई में ऐसे कितने ही महान सपूतों ने अपना सबकुछ खपा दिया। हमारी पीढ़ियां उनके बारे में जानने से वंचित रह गईं। आज उन गलतियों को भारत सुधार रहा है। राजा सुहेलदेव हों या फिर राज महेंद्र प्रताप सिंह हों। भारत माता के ऐसे सपूतों को नई पीढ़ी से पहचान कराने का कार्य हो रहा है।
आज देश आजादी के पचहत्तर वर्ष पूर्ण होने का महोत्सव मना रहा है। इस समय इसे और मजबूती से किया जा रहा है। जो युवा बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहता है तो उसे राजा महेंद्र प्रताप के बारे में पढ़ना चाहिए। जानना चाहिए। वह भारत की आजादी चाहते थे। अपने जीवन का एक एक पल इसी के लिए समर्पित कर दिया। वह भारत की आजादी के लिए अफगानिस्तान, पोलैंड,दक्षिण अफ्रीका समेत दुनिया के कोने- कोने में गए। वह जीवन भर काम करते रहे। आज के युवाओं से कहूंगा कि जब भी उन्हें कोई लक्ष्य कठिन लगे तो राजा महेंद्र प्रताप सिंह को जरूर याद करें। उनका जीवन हम सबको आज भी प्रेरणा देता है।
आज हम देश के एक और सपूत गुजरात के श्याम जी कृष्ण वर्मा को भी याद करना चाहते हैं। वह भी मां भारती के लिए जीने की प्रेरणा देते हैं। राजा महेंद्र सिर्फ भारत की आजादी के लिए ही नहीं लड़े। उन्होंने देश को आगे बढ़ाने के लिए भी काम किया। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के लिए राजा महेंद्र ने ही जमीन दी थी। अन्य संस्थान खोलने में भी उनका योगदान रहा है। उनके नाम पर विश्वविद्यालय सच्ची श्रद्धांजलि है। इस कार्य को करने के लिए मोदी ने योगी और उनकी टीम को बधाई दी। नई शिक्षा नीति में जिस प्रकार से बल दिया गया है। उससे इस विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छा अवसर मिलेगा। तीन वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया था। अब तक उत्तर प्रदेश में तीन लाख करोड़ का निवेश हो चुका है। रक्षा उत्पादन में बहुत प्रगति हुई है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री ने अन्न योजना की शुरूआत की गई। प्रदेश में आठ राज्य विश्वविद्यालय बन रहे हैं। मेरठ में पहला स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बना है। तीन दिन पहले प्रयागराज में भी एक बना है। राज्य में नई शिक्षा नीति को यहां पूरी तरह स्वीकार किया गया है। यहां गांव के लिए, गरीब के लिए,किसान के लिए काम हो रहा है। कोरोना काल में भी चीनी मिलों को अनवरत चलाया गया। खेत में दोगुना आमदनी करने के लिए कार्य किया है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था पहले छठवें स्थान पर थी आज दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरी है। निवेश का बेहतर वातावरण वर्तमान सरकार ने तैयार किया है। पहले उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में देश में चौदहवें स्थान पर था,आज सरकार की नीतियों से दूसरे स्थान पर आ गया है। चार वर्ष पहले उत्तर प्रदेश का केन्द्र की किसी योजना में स्थान नहीं होता था। आज केन्द्र सरकार की बयालीस योजनाओं में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। यह प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण योजना के अंतर्गत सर्वाधिक आवास बनाये गए। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत प्रदेश में दो करोड़ इकसठ लाख शौचालय बनवाये गये हैं। इसी तरह उज्ज्वला, सौभाग्य,उजाला,पीएम किसान सम्मान निधि में भी उत्तर प्रदेश ने बेहतर कार्य किया है। उद्योग व कनेक्टिविटी
बुन्देलखण्ड क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण,डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण,बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए लाभप्रद है। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत बुन्देलखण्ड तथा विन्ध्य क्षेत्र में हर घर नल योजना प्रारम्भ की गयी है। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अन्तर्गत दो लाख से अधिक भूस्वामियों को घरौनी कागजात उपलब्ध कराये गये हैं।
वरासत अभियान के अन्तर्गत करीब नौ लाख से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया है। परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित करने के लिए ओडीओपी योजना आज देश की लोकप्रिय योजना है। एक्सप्रेस वे के निकट औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जा रहे है। एक्सप्रेस वे निर्माण के संबन्ध में योगी आदित्यनाथ ने नजरिया ही बदल दिया है। अब एक्सप्रेस वे यातायात का माध्यम मात्र नहीं है। बल्कि योगी ने इसे औद्योगिक विकास से जोड़ कर अभिनव कार्य किया है। विकास के जिन क्षेत्रों में योगी सरकार ने कीर्तिमान स्थापित किये हैं,उसमें कनेक्टिविटी भी शामिल है। जिला मुख्यालयों को फोर लेन मार्ग से जोड़ा गया है। तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय को फोर तथा टू-लेन मार्ग से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के चार शहरोें में मेट्रो रेल संचालित हैं। इस वर्ष के अन्त तक आगरा एवं कानपुर में भी मेट्रो रेल का संचालन प्रारम्भ जाएगा। वर्तमान में राज्य में आठ एयरपोर्ट कार्यशील हैं। इनके माध्यम से देश के पचहत्तर गन्तव्य स्थान वायुमार्ग से जुड़े हुए हैं। जेवर एवं अयोध्या अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों के क्रियाशील हो जाने पर राज्य में पांच अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे कार्यशील हो जाएंगे। प्रदेश में दस नये एयरपोर्ट पर कार्य चल रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने के लिए पांच सौ पनचाबे किलोमीटर लम्बाई के देश के दूसरे सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे के रूप में गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु तिरानवे प्रतिशत भूमि की व्यवस्था की जा चुकी है। राज्य सरकार ने अभी तक अपनी सभी एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए स्वयं ही वित्त व्यवस्था की है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का अट्ठानवे प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। शीघ्र प्रधानमंत्री द्वारा इसका भव्य उद्घाटन किया जाएगा। डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर भी बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे पर ही है। इस एक्सप्रेस-वे सत्तर प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का भी प्रगति पर है। बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके लिए भूमि की व्यवस्था की जा रही है। योगी आदित्यनाथ द्वारा केन्द्र सरकार के कार्यक्रमों,नीतियों एवं वित्तीय प्रावधानों को राज्य में तेजी से क्रियान्वित किया जाता है। एक्सप्रेस-वे के किनारों पर औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाने की परियोजना सराहनीय है। इस तरह की परियोजनाओं के विकास के लिए राजनीतिक नेतृत्व की प्रतिबद्धता जरूरी होती है।

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