आगरा उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य

वायु प्रदूषण से बच्चों का करें बचाव : वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव

आगरा। ताजनगरी में वायु प्रदूषण काफी ज्यादा बढ़ गया है। बीते तीन दिनों से जनपद में वायु प्रदूषण का स्तर देश में सबसे ज्यादा है। ऐसे में बच्चों को इससे गंभीर नुकसान हो सकते हैं। इस स्थिति में उन्हें घर में ही ऐसे स्थान पर रखें जहां वातावरण की हवा शुद्ध होकर जाती हो। उन्हें घर से बाहर न निकलने दें।

सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव बताते हैं कि वयस्‍कों की तुलना में बच्‍चों को प्रदूषित हवा में सांस लेने का ज्‍यादा नुकसान होता है। बच्‍चों की सांस की नलिकाएं पतली होती हैं, उनके फेफड़े वयस्‍कों से ज्‍यादा तेजी से सांस लेते हैं। बच्चा सांस लेता है तो उसकी सांस की नलिकाओं में वातावरण में उपस्थित प्रदूषक तत्व भी तेजी से अंदर जाते हैं। इस स्थिति में बच्चों की सांस की नलिकाओं में सूजन आ जाती है। ऐसी स्थिति में उन्हें निमोनियां की परेशानी भी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों को वायु प्रदूषण से बचाकर रखा जाए।
डॉ. नीरज ने बताया कि यदि बच्चों को नाक बहना, बार-बार आंखों को रगड़ना, बार-बार छींकना, सांस लेने में दिक्कत होना, स्किन पर दाने आना जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत सचेत हो जाएं। ये वायु प्रदूषण से होने वाली एलर्जी हो सकती है। इस स्थिति में बच्चे को तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। डॉ. नीरज ने बताया कि इस वक्त वायु प्रदूषण से बचाव के लिए या तो वायु को शुद्ध करने वाले यंत्र का इस्तेमाल करें या फिर बच्चों को घर के ऐसे कमरे में रखें, जिसमें वातावरण की सीधी हवा न जाती हो, उन्होंने कहा कि घर के खिड़की दरवाजों पर जाली लगी हो और उन्हें बंद करके रखें। उन्होंने बताया कि इस स्थिति में घर में धूल को न उड़ने दें। साफ-सफाई गीले कपड़े से करें, जिससे की धूल न उड़े। घर से बाहर मास्क पहनकर ही निकलें और बच्चों को भी घर से बाहर मास्क पहनाकर ही ले जाएं।

इन लक्षणों के दिखने पर बच्चों को डॉक्टर को दिखाएं
-नाक बहना
-जुखाम होना
-बार-बार आंखे रगड़ना
-स्किन पर दाने उठना
-सांस लेने में दिक्कत होना

ऐसे करें वायु प्रदूषण से बचाव
-बच्चों को घर के भीतर ही रखें
-घर से बाहर मास्क पहनाकर ही ले जाएं
-घर में गीले कपड़े से साफ-सफाई करें
-घर के खिड़की दरवाजे बंद रखें

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