उत्तर प्रदेश लखनऊ शिक्षा

नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम लागू करने में एलयू अव्वल

लखनऊ। नई शिक्षा नीति के अनुरूप अपने सभी पाठ्यक्रमों को बदलने वाला लखनऊ विश्वविद्यालय पहला विश्वविद्यालय बन गया है। नई शिक्षा नीति लागू होने के साथ ही कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय के नेतृत्व में इस कालजई शिक्षा नीति को पूर्णतया मूर्त रूप देने की शुरुआत हो चुकी थी। विश्वविद्यालय ने विलंब न करते हुए अपनी पूरी शिक्षा अवस्था को नई शिक्षा नीति के तत्व के अनुरूप ढालने की प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में संपन्न कर अकादमिक सत्र 2020 21 से ही नए परास्नातक पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया था। इसके साथ ही देशभर में नई शिक्षा नीति के अनुरूप अपने सभी पाठ्यक्रमों को बदलने वाला लखनऊ विश्वविद्यालय पहला विश्वविद्यालय बना। परास्नातक पाठ्यक्रम में अंतः विषय अंतर विषय इंटर्नशिप थिसिस राइटिंग आदि 10 बिंदुओं के साथ नई शिक्षा नीति को पूरी तरह समावेशित किया गया। इसी क्रम में नए अकादमिक सत्र में लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने वाले सभी छात्र छात्राओं को फ्लैक्सिबल एंट्री और फ्लैक्सिबल एग्जिट के विकल्प भी प्राप्त हुए। अर्थात यदि किसी कारणवश कोई छात्र 1 वर्ष पूर्ण करने के बाद अपनी शिक्षा को छोड़ कुछ और करना चाहे तो उसके समय का सम्मान करते हुए 1 वर्ष की शिक्षा के साथ उन्हें पीजी डिप्लोमा प्रदान की जाएगी। इसी व्यवस्था का लाभ लेते हुए अकादमिक सत्र 2020 21 में लखनऊ विश्वविद्यालय के 2 छात्रों बायोकेमिस्ट्री विभाग के मोहम्मद खालिद जमाली एवं बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के मोहित पुनेठा को आगामी दीक्षांत समारोह में उनको प्रदान किया जाएगा। ये दोनों प्रदेश एवं देश के वे पहले छात्र बने हैं जिन्होंने नई शिक्षा नीति की इस व्यवस्था का लाभ उठाते हुए 1 वर्ष की शिक्षा संपन्न करने के बाद अपने-अपने विभाग से पीजी डिप्लोमा की डिग्री प्राप्त करते हुए अपनी शिक्षा को दूसरा मोड़ देने में सफल हुए। इस संभावना एवं लाभ को प्रकाशित करने के लिए एवं छात्रों के समक्ष इस विकल्प को सशक्त रूप से दर्शाने के लिए मोहम्मद खालिद जमाली और मोहित पुनेठा को आने वाले 26 नवंबर 2021 को होने वाले दीक्षांत समारोह में महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के कर कमलों द्वारा उनकी डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। विश्वविद्यालय अपने छात्रों तक यह संदेश पहुंचाना चाहता है कि किसी कारणवश अगर उन्हें भी अपनी शिक्षा को बीच में विराम देने की आवश्यकता पड़े तो उनके समय का सम्मान होगा। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत लखनऊ विश्वविद्यालय में अकादमिक सत्र 2021 22 से स्नातक पाठ्यक्रम में भी नवीनीकरण हुआ है और स्नातक स्तर पर भी यही फ्लैक्सिबल एंट्री और एग्जिट सुविधा छात्रों को उपलब्ध है।

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