लेख साहित्य

-: गीतिका :-

जीवन मिला उधार।
जप ले मदनमुरार।।

डूबेगी जब नाव,
वही करेंगे पार।।

चलो सत्य की राह,
छल प्रपंच बेकार।।

घर आया मेहमान,
खूब करो सत्कार।।

करना नहीं निराश,
जो भी आए द्वार।।

करें ईश का ध्यान,
खुशियाँ मिले अपार।।

जले नेह का दीप,
दूर करे अँधियार।।

नीता अवस्थी (कानपुर)

Live TV

GMaxMart.com

Our Visitor

1351343
Hits Today : 5772