लेख साहित्य

साहित्यकार डॉ दिग्विजय कुमार शर्मा हिंदी भवन भोपाल में ‘अटलश्री काव्य सम्मान’ से सम्मानित

राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना का अखिल भारतीय साहित्यकार महोत्सव एवं अटल काव्य सम्मान 25 एवं 26 दिसंबर 2021 को हिंदी भवन भोपाल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आगरा के साहित्यकार डॉ दिग्विजय कुमार शर्मा को अटल श्री काव्य सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी , वरिष्ठ साहित्यकार कैलाश पंत जी, डॉ हरेराम वाजपेयी, विक्रम विवि के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा, संस्था के सचिव डॉ प्रभु चौधरी सभी पदाधिकारियों ने डॉ दिग्विजय कुमार शर्मा को अंगवस्त्र, सम्मानपत्र, मोमेंटो पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।

डॉ शर्मा ने विश्व में हिंदी के बढ़ते कदम पर मुख्य वक्ता के रूप में वक्तव्य प्रस्तुत किया कहा कि, हिंदी हमारी आज विश्व के शीर्ष फलक पर पहुंच गई है। हिंदी विश्व के सभी विवि में पढ़ाई जा रही है इसे सीखने के लिए हिंदी के दूत विश्वभर में अपनी ध्वजा फहरा रहे है यही कारण है कि समस्त विश्व भारत देवभूमि की धर्म, संस्कृति को आज अपना रहा है। सभी ने राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के माध्यम से हिंदी को विश्व मंच पर पहुंचाया है।

उज्जैन के डॉ शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि आज अटल बिहारी वाजपेई एवं महामना मदन मोहन मालवीय को आज याद करना हिंदी व भारत की संस्कृति को नमन करना है। हिंदी भवन के निदेशक डॉ जवाहर कर्णावत ने अटल बिहारी बाजपेई को हिंदी का महान सेवक बताया। इस अवसर पर संस्था के मासिक पत्र संचेतना समाचार के चौथे अंक का लोकार्पण पत्र के प्रधान संपादक हरेराम बाजपेई सम्पादक हेमलता शर्मा, डॉ अनुशुइया अग्रवाल, महासचिव डॉ प्रभु चौधरी ने संस्था के कार्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में रात को संपन्न काव्य गोष्ठी का संचालन कवियित्री पायल परदेसी ने किया अध्यक्षता जयपुर की डॉक्टर शिवा लोहारिया ने की। इस अवसर पर करीब 20 कवियों ने अटल जी हिंदी भाषा व राष्ट्र को लेकर अपनी रचनाएं सुनाई। दूसरे दिन प्रथम सत्र में विश्व में हिंदी का बढ़ता प्रभाव उपलब्धियां एवं संभावनाएं विषय पर संगोष्ठी हुई जिसमें अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ प्रकाश वरतुनिया ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि हिंदी विश्व के हर क्षेत्र में पहुंच चुकी है इसका भविष्य बहुत उज्ज्वल है। राष्ट्रभाषा प्रचार समिति हिंदी भवन के मंत्री डॉ श्री कैलाश चंद पंत ने अपने उद्बोधन में कहा कि, हिंदी पढ़ कर विश्व भारत का अध्ययन कर रहा है । इस कार्यक्रम में आगरा के साहित्यकार डॉ दिग्विजयकुमार शर्मा नरेंद्र सिंह परिहार अनुसुईया अग्रवाल श्री बृजकिशोर शर्मा, ज्योति जलज, पुष्पा गरोठिया आकाशवाणी के श्री विनोद नागर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी परिवार इंदौर के अध्यक्ष हरे राम बाजपेई ने की। संचालन श्रेष्ठा जोशी ने किया। आभार संस्था के अध्यक्ष श्री बृजकिशोर शर्मा ने व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री अटल बिहारी वाजपेई की स्मृति में सारस्वत अभिनन्दन पत्र एवं सभी साहित्यकारो को अटल श्री सारस्वत सम्मान प्रदान किया गया।

इस दो दिवसीय महोत्सव में ज्योति जलज, श्रीराम शर्मा परिंदा, पायल परदेसी, श्रीमती बिनया राजाराम, डॉ सुधा शिव, पुरुषोत्तम तिवारी, ब्रज बाला, गुप्ता कैलाश परमार, दीपा दीप दिल्ली से एवं राजस्थान महाराष्ट्र मध्य प्रदेश आदि के कई शहरों से आए साहित्यकारों को अटल श्री काव्य सम्मान प्रदान किए गए। समारोह मे सात प्रदेश के पदाधिकारीयो ने सहभागिता की एवं बहुत आदर के साथ भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई को याद करते हुए हिंदी भाषा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए संकल्प लिया गया। जय हिंद, जय हिंदी।

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