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एक हाथ में बंसी उसके एक हाथ में चक्र संघार है मेरा कान्हा बंसी वाला सबका पालनहार है - जन्माष्टमी में किए जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण कार्य

डॉ शिल्पा जैन

अष्टमी तिथि हर महीने आती है किंतु जन्माष्टमी की अष्टमी तिथि सबसे खास होती है क्योंकि इस दिन कान्हा का जन्म होता है। देश-विदेश मैं इस अष्टमी तिथि को महोत्सव के रूप में मनाया जाता है कान्हा का जन्म महोत्सव।
2022 में जन्माष्टमी 19 अगस्त शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी। वैसे तो अष्टमी तिथि 18 अगस्त रात्रि 9:20 में शुरू हो जाएगी किंतु उदया तिथि 19 तारीख की है इसीलिए इस साल जन्माष्टमी 19 अगस्त को मनाई जाएगी।
माखन चोर नंद किशोर बांधी जिसने प्रीत की डोर ऐसे कान्हा का जन्मदिन बड़े ही उमंगों के साथ जोश के साथ श्रद्धा के साथ पूरा देश मनाता है।
श्री कृष्ण जो 16 कलाओं से पूर्ण थी वह एक बच्चे के रूप में एक प्रेमी के रूप में एक पुत्र के रूप में एक योद्धा के रूप में एक शासक के रूप में सभी रूपों में सर्वोत्तम है जिसके कारण पूरा विश्व उनकी पूजा करता है उनसे प्रेरणा लेता है उनका गुणगान करता है। जरूरत पड़ने पर कहीं पर उन्होंने वध किया तो कहीं पर उन्होंने किसी को बचाया।

जन्माष्टमी में किए जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण कार्य-
सर्वप्रथम जन्माष्टमी के 1 दिन पहले यानी 18 तारीख के दिन तुलसी जी के पत्तों को आज्ञा लेकर तोड़ ले 19 तारीख को यानी जन्माष्टमी वाले दिल तोड़ना वर्जित बताया गया है। जन्माष्टमी के दिन सुबह से ही अखंड दीपक जलाएं जो कि रात को 12:00 बजे के बाद तक जलते रहना चाहिए आज के दिन सात्विक आहार ले। जगत की त्रिलोकीनाथ के हाथों पूरे संसार की दौड़ है किंतु आज उनकी पालने की डोर आज उनके भक्तों के हाथ में होनी चाहिए। श्री कृष्ण को गौ माता से विशेष प्रेम था अतः आज के दिन गौ माता की सेवा अवश्य करें। जन्माष्टमी के दिन से ही अपने घर की दहलीज पर रोज सुबह हल्दी का छिड़काव अवश्य करें पूरा साल करते रहे ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। आज श्री कृष्ण को तुलसी की माला अर्पित करें या 11, 21, 51 तुलसी के पत्तों को अर्पित करें। पूजा करते वक्त कुछ रुपए श्री कृष्ण के चरणों  पर रखें क्योंकि उनकी पत्नी रुक्मणी जी को लक्ष्मी जी का अवतार माना गया है पूजा के पश्चात उन रुपए को अपने पर्स में रखें उन्हें खर्च ना करें इससे लक्ष्मी जी का स्थाई रूप से वास होता है। आज शंखनाद अवश्य घर में होना चाहिए एवं तुलसी जी के सामने घी का दीपक अवश्य जलाएं। आज के दिन चावल ,लहसुन प्याज का त्याग करना चाहिए। श्री कृष्ण को गरीबों का मजाक उड़ाने वालों से सख्त नफरत आज के दिन व्रत संकल्प करें कि हम किसी भी दयनीय व्यक्ति का मजाक नहीं  उड़ाएंगे यथासंभव उनकी सहायता करेंगे। आज पूरे दिन भगवान कृष्ण का भजन घर में लगाएं एवं ओम क्लीम कृष्णाय नमः आज आप मन ही मन करते रहे। क्योंकि आज के दिन कृष्ण के बाल रूप की पूजा की जाती है जैसे आप अपने बच्चों का जन्मदिन मनाते हैं उसी प्रकार से आज श्री कृष्ण का जन्मदिन मनाएं जिनको भी संतान संबंधी समस्या हो रही है आज के दिन संकल्प करें की बाल गोपाल की सेवा नित्य करेंगे बाल गोपाल की रूप को घर में स्थापित करें एवं नित्य माखन मिश्री का भोग आज के दिन से लगाना शुरू करें। जिन पति-पत्नी में मनमुटाव है आज ही के दिन राधा कृष्ण का भी फोटो अपने बेडरूम में लगाना उत्तम होता है। आज मोर पंख अवश्य खरीदें और जो बच्चे कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं उनके टेबल पर उस मोर पंखों स्थापित करें।

राशि के अनुसार किए जाने वाले कुछ विशेष उपाय-
वैसे तो किसी भी रंग का वस्त्र अर्पित कर सकते हैं किंतु अगर अपनी राशि के अनुसार आप कान्हा जी को वस्त्र बनाते हैं तो आपकी राशि को भी बल मिलता है-
मेष राशि- कान्हा को लाल वस्त्र अर्पित करें
वृष राशि -रसगुल्ले का भोग लगाएं, एवं सफेद वस्त्र अर्पित करें
मिथुन राशि- काजू से बनी मिठाई का भोग लगाएं, हरा वस्त्र अर्पित करें
कर्क राशि - मावे और नारियल का भोग लगाएं एवं सफेद या सुनहरे रंग का वस्त्र अर्पित करें
सिंह राशि - गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं एवं सिंदुरिया लाल रंग का वस्त्र अर्पित करें
कन्या राशि - तुलसी जी के पत्ते का नाश पति का भोग लगाएं एवं हरा रंग का वस्त्र अर्पित करें
तुला राशि -कलाकंद या शेर का भोग लगाएं एवं गुलाबी रंग का वस्त्र अर्पित करें
वृश्चिक राशि- गुड़ से बनी गुड़िया मिठाई का भोग लगाएं एवं लाल रंग का वस्त्र अर्पित करें
धनु राशि- बेसन की मिठाई का भोग लगाएं एवं पीले रंग का वस्त्र अर्पित करें
मकर राशि- गुलाब जामुन का भोग लगाएं एवं नीले रंग का वस्त्र अर्पित करें
कुंभ राशि- चॉकलेट रंग की मिठाई का भोग लगाएं एवं नीले रंग का वस्त्र अर्पित करें
मीन राशि- जलेबी अकेले का भोग लगाएं एवं पीले रंग का वस्त्र अर्पित करें
हर साल जन्माष्टमी धूमधाम से मनाया जाता है सभी क्रियाएं की जाती है पूजा की जाती है किंतु भाव पूजा का बहुत महत्व है आज के दिन इतनी भाव से पूजा करें कि धर्म का अंकुर आपकी आत्मा में विकसित हो और जय श्री कृष्ण हर क्षेत्र में उत्तम नायक के रूप में कार्य किया है उसी प्रकार हम भी अपने जीवन में सर्वोत्तम कार्य करें।
जन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर अंतर ह्रदय से आप सबको बधाई देती हूं भगवान श्री कृष्ण आपके सभी दुखों को हर ले ऐसी कामना करती हूं।

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