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नरेंद्र मोदी: लेखक, कवि, नेता और प्रधान सेवक; एक शख्सियत के कई रंग

नरेंद्र मोदी जब युवा थे तो उनको हर रात सोने से पहले देवी मां को डायरी में एक पत्र लिखने की आदत हो गई थी. इस पत्र में वे मां को जगत जननी के रूप में संबोधित करते थे. इन पत्रों के विषय अलग-अलग हुआ करते थे.

Narendra Modi Books: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है. पूरे देश में उनके जन्मदिन पर तमाम तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. खुद पीएम मोदी अपने जन्मदिवस पर राष्ट्र को ‘चीता’ बतौर उपहार दे रहे हैं. नामीबिया से 8 चीते मंगवाकर उन्हें मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा गया. चीते भारत में विलुप्त हो चुके हैं. लेकिन प्रधानमंत्री के इस प्रयास से भारत के जंगलों में एक बार फिर चीते की दहाड़ सुनाई देगी.

2014 से केंद्र की सत्ता का नेतृत्व कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं. वे एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो समाज के हाशिए पर खड़े आदमी से लेकर विश्व पटल पर भारत का नेतृत्व कर रहे व्यक्ति के साथ खड़े दिखाई देते हैं.

नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व को तमाम लोगों ने अलग-अलग तरीके से व्यक्त करने का प्रयास किया है. उनके साधारण जीवन से लेकर राजनीतिक कार्यकाल और राजनीति में रहते हुए लिए गए निर्णयों पर कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं.

पीएम मोदी पर लिखी गई पुस्तकों की चर्चा करें तो इनकी फेहरिस्त बहुत लंबी है और एक ही समय तथा एक ही लेख में सभी की चर्चा करना संभव नहीं है. इनमें एक चर्चित पुस्तक है- Modi@20: Dreams Meet Delivery. यह पुस्तक रूपा प्रकाशन से प्रकाशित हुई है. इस पुस्तक में देश के 22 नामचीन व्यक्तियों द्वारा पीएम मोदी पर लिखे गए लेखों को संकलित किया गया है. इन लेखकों में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री की विदेश नीतियों पर प्रकाश डाला है तो बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने युवाओं को लेकर किए गए कामों का उल्लेख किया है.

इस पुस्तक में नरेंद्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से लेकर अब तक के सफर के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है.

एक पुस्तक है द आर्किटेक्ट ऑफ द न्यू बीजेपी: हाउ नरेंद्र मोदी ट्रांसफॉर्म द पार्टी (The Architect of the New BJP: How Narendra Modi Transformed the Party). पत्रकार अजय सिंह ने अपनी पुस्तक में भारतीय जनता पार्टी को फिर से आकार देने में मोदी के तेज कौशल का विवरण दिया है. अजय सिंह एक सर्वोत्कृष्ट संगठन व्यक्ति के रूप में मोदी की यात्रा का एक दिलचस्प विवरण प्रस्तुत करते हैं, जिसने पार्टी के भीतर और बाहर विरोध के बावजूद परंपराओं से परे देखा.

नरेंद्र मोदी एक लेखक
ऐसा नहीं है कि पुस्तकें नरेंद्र मोदी के ऊपर ही लिखी गई हैं, उन्होंने खुद भी कई पुस्तकें लिखी हैं. एक पुस्तक है- Abode of Love (प्यार का ठिकाना). यह पुस्तक राजपाल एंड संस से प्रकाशित हुई है और इसके लेखक नरेंद्र मोदी हैं. यह पुस्तक मां के प्यार को केंद्रित करके लिखी गई है. वह अपनी कोख से जन्म देने वाली जननी और जिस देश में जन्म लिया वह मां हो सकती है.

हम अपने जीवन में विभिन्न प्रकार के प्यार का अनुभव करते हैं, चाहे दो दोस्तों के बीच का प्यार, अपने छात्र के लिए एक शिक्षक का प्यार, अपने मरीज के लिए डॉक्टर का प्यार या पति-पत्नी के बीच का प्यार. सभी प्रतिबिंब और रंग हैं एक मां के प्यार से. इस पुस्तक में 1975-1977 के दौरान लिखी गई कहानियों का संकलन है. मूल रूप से गुजराती में लिखी गई कहानियों का अनुवाद अंग्रेजी और हिंदी में किया गया है.

नरेंद्र मोदी एक कवि
नरेंद्र मोदी ने कविताएं भी लिखी हैं. इनकी एक पुस्तक है- नयनम् इदम् धन्यम् (Nayanam Idam Dhanayam: Poems By Narendra Modi). इस संकलन में पीएम मोदी द्वारा गुजराती में लिखी गई कविताओं का संस्कृत में अनुवाद है. इन कविताओं को संस्कृत में अनुवाद किया है राजलक्ष्मी श्रीनिवासन ने. यह पुस्तक रूपा पब्लिकेशन से प्रकाशित हुई है.

नरेंद्र मोदी की कविताओं पर एक और पुस्तक है- ए जर्नी: पोयम्स बाय नरेंद्र मोदी (A Journey: Poems by Narendra Modi). इस पुस्तक में भी पीएम मोदी की गुजराती में लिखी गई कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद है और इस अनुवाद को किया है रवि मंथा ने.

इस पुस्तक की भूमिका खुद मोदी ने लिखी है. वे लिखते हैं- उनकी कविताएं विचारों की गर्जनाएं हैं जो उन्होंने महसूस किए, देखे और उनकी कल्पनाएं की हैं. ये कविताएं विचारों की गर्जना हैं जैसे ताजे पानी का स्रोत.

इस संग्रह में नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न विषयों पर लिखी गई 67 कविताएं हैं. यह पुस्तक भी रूपा पब्लिकेशन से प्रकाशित हुई है.

मां को पत्र (Letters to Mother)
जैसे-जैसे आप नरेंद्र मोदी को जानने का प्रयास करते हैं उनके व्यक्तित्व के नए-नए आयाम सामने आते हैं. उनकी एक पुस्तक है लैटर्स टू मदर. मां को लिखे गए ख़त गुजराती में हैं और इनका अंग्रेजी में अनुवाद किया है भावना सुमाया ने. इस पुस्तक में बताया गया है कि नरेंद्र मोदी जब युवा थे तो उनको हर रात सोने से पहले देवी मां को डायरी में एक पत्र लिखने की आदत हो गई थी. इस पत्र में वे मां को जगत जननी के रूप में संबोधित करते थे. इन पत्रों के विषय अलग-अलग हुआ करते थे. उभरे हुए दुख थे, क्षणभंगुर खुशियां, स्मृतियां आदि. मोदी के लेखन में एक नौजवान का उत्साह और बदलाव लाने का जुनून था. लेकिन नरेंद्र मोदी कुछ महीनों बाद डायरी के पन्ने फाड़कर जला देते थे. हालांकि, 1986 की एक डायरी के कुछ पन्ने बच गए. और बचे हुए ये पत्र अब अंग्रेजी में लेटर्स टू मदर के रूप में उपलब्ध हैं.

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