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अरुणाचल को मिला पहला एयरपोर्ट: PM मोदी ने किया उद्घाटन, जानें क्यों है खास?

डोनी पोलो एयरपोर्ट के साथ-साथ पीएम मोदी ने अरुणाचल प्रदेश में 600 मेगावाट की कामेंग जलविद्युत परियोजना भी देश को समर्पित की है. इससे अरुणाचल प्रदेश को बिजली अधिशेष राज्य बनाने और राष्ट्रीय ग्रिड को स्थिरता एवं एकीकरण के मामले में लाभ होने की उम्मीद है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर हैं. यहां ईटानगर में उन्होंने प्रदेश के पहले ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट डोनी पोलो एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. डोनी पोलो एयरपोर्ट होलोंगी में स्थित है. इसके संचालित होने पर राज्य में संपर्क, व्यापार और पर्यटन को तेजी से बढ़ावा मिलेगा. दरअसल देश के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में इससे पहले कोई एयरपोर्ट नहीं था. लोगों को यात्रा करने के लिए असम के उत्तरी लखीमपुर जिले में 80 किलोमीटर दूर लीलाबाड़ी एयरपोर्ट जाना पड़ता था. हालांकि डोनी पोलो के उद्घाटन के बाद अब यात्रियों को फ्लाइट पकड़ने के लिए इतना लंबा सफर तय नहीं करना होगा.

डोनी पोलो एयरपोर्ट के साथ-साथ पीएम मोदी ने अरुणाचल प्रदेश में 600 मेगावाट की कामेंग जलविद्युत परियोजना भी देश को समर्पित की है. कामेंग पनबिजली परियोजना को पश्चिम कामेंग जिले में 80 किलोमीटर से ज्यादा क्षेत्र में 8450 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से विकसित किया गया है. इससे अरुणाचल प्रदेश को बिजली अधिशेष राज्य बनाने और राष्ट्रीय ग्रिड को स्थिरता एवं एकीकरण के मामले में लाभ होने की उम्मीद है. उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘हम एक कार्य संस्कृति लेकर आए हैं. जहां जिन परियोजनाओं का हमने शिलान्यास किया है, उनका उद्घाटन करते हैं. अटकाने, लटकाने, भटकाने का युग अब चला गया है.’

क्या है ‘डोनी पोलो’ का मतलब?

एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जब मैंने 2019 में इसका शिलान्यास किया था, तब चुनाव होने वाले थे. राजनीतिक टिप्पणीकारों ने शोर मचाया था कि एयरपोर्ट नहीं बनने जा रहा है. लेकिन आज इसका उद्घाटन हो रहा है. कल्चर हो या एग्रीकल्चर, कॉमर्स हो या कनेक्टिविटी, पूर्वोत्तर को आखिरी नहीं बल्कि सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती है.’ उन्होंने कहा, ‘यह एयरपोर्ट अरुणाचल प्रदेश के अतीत और संस्कृति का गवाह है. डोनी का अर्थ सूर्य है, जबकि पोलो का अर्थ चंद्रमा है.’

20 लाख लोगों को मिलेंगी सेवाएं

ईटानगर के पास होलोंगी स्थित ये एयरपोर्ट पूर्वोत्तर राज्य का पहला एयरपोर्ट होगा. यह एयरपोर्ट इस सीमावर्ती राज्य को वाणिज्यिक उड़ानों के जरिये देश के अन्य शहरों के साथ तथा अरुणाचल प्रदेश के अन्य हिस्सों को हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से जोड़ेगा. अधिकारियों का अनुमान है कि यह क्षेत्र के करीब 20 लाख लोगों को सेवाएं मुहैया कराएगा. इसकी आधारशिला खुद पीएम मोदी ने फरवरी 2019 में रखी थी. इस एयरपोर्ट को 640 करोड़ से ज्यादा की लागत से 690 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित किया गया है. इसका रनवे 2300 मीटर लंबा है और सभी मौसम में संचालन के लिए अनुकूल है. होलोंगी में इसके टर्मिनल का निर्माण 955 करोड़ रुपये की लागत से 4100 वर्ग मीटर के क्षेत्र में हुआ है. यहां से हर घंटे लगभग 200 पैसेंजर्स उड़ान भर सकेंगे.

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