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लखीमपुर में मनाया गया राज्यपाल का जन्मदिन 

डॉ दिलीप अग्निहोत्री 

लखनऊ । राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अपनी दो दिवसीय लखीमपुर खीरी यात्रा के दौरान अनेक कार्यक्रमों में सहभागी हुईं.रविवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के वार्षिक उत्सव में शामिल होने लखीमपुर पहुंची थी. जहां उनके द्वारा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया। दूसरे दिन आनंदीबेन पटेल का जन्मदिन  एसएसबी के अफसरों एवं जवानों ने भारत-नेपाल बॉर्डर पर 39 वीं बटालियन एसएसबी की बीओपी सौनहा में उनका जन्मदिन मनाया गया. राज्यपाल ने जवानों के आग्रह पर केक काटा। राज्यपाल ने जवानों को मिष्ठान भी वितरित किया। तहसील ब्लॉक पलिया के सुदूरवर्ती क्षेत्रों का दौरा किया। सनातन धर्म सरस्वती विद्या मन्दिर बालिका इण्टर कॉलेज, मिश्राना, पं दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज  एवं पं दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज उदयपुर, लखीमपुर-खीरी के प्रांगण में ''संयुक्त मेधा अलंकरण एवं वार्षिकोत्सव समारोह'' का आयोजन किया गया था.मेधा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल उत्तर प्रदेश आनन्दीबेन पटेल एवं एवं विशिष्ट अतिथि विद्या भारती के राष्ट्रीय मंत्री शिव कुमार ने उपस्थित रहकर छात्र/छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। आनन्दी बेन पटेल ने कहा कि इस समय देश में शिक्षा की वर्तमान दशा संस्कार विहीन है लेकिन ऐसे समय में विद्या मन्दिर इसे संस्कार युक्त बना रहे हैं, शिक्षा के माध्यम से ही योग्य समर्पित नागरिक बनता है। अभिभावकों को भी अपने पाल्यों की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिये, यह अभिभावकों का बच्चों के प्रति दायित्व है, क्योंकि परिवारों में संस्कारक्षम वातावरण बनाना हम सबका कर्तव्य है। अध्यापकों को बच्चों के सर्वागीण विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्हाने कार्यक्रम व्यवस्था एवं अनुशासन की मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की। शिव कुमार ने बताया कि शिक्षा के साथ संस्कार एवं अनुशासन विद्या भारती की पहचान है। विद्या भारती के पूर्व छात्र सम्पूर्ण भारत में सफलतापूर्वक राष्ट्र की उन्नति में सहभागी बन रहे हैं। उन्होने सभी छात्र भैया एवं छात्रा बहनों को को लक्ष्य निर्धारित कर पूर्ण मनोयोग से प्रयास करने का आहवाहन किया साथ ही उन्होने आत्म-मूल्यांकन पर विषेष बल दिया। आनंदीबेन पटेल ने जनपद लखीमपुर में नेपाल से सटे जंगल क्षेत्र चंदन चौकी में प्रताप नारायण मिश्र स्मारक सरस्वती विद्या मंदिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ किया।उन्होंने कहा कि जनपद भ्रमण के दौरान थारू संस्कृति देख कर मन को प्रसन्नता हुई। केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने गांव-गांव तक शिक्षा की अलख जगाने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि खेल, शिक्षा, चीज वस्तु बनाने में यहां के बच्चे आगे बढ़ रहे। यह गर्व की बात है। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक सुविधाओं का लाभ कैसे पहुंचे, इस लक्ष्य को लेकर सरकार काम कर रही हैं। इस अवसर पर उन्होंने सर्वाइकल कैंसर और पीएम के नेतृत्व में भारत से टीवी मुक्त अभियान की भी चर्चा की। राज्यपाल ने विद्यालय में कंप्यूटर कक्ष का उद्घाटन भी किया। सुदूरवर्ती चंदन चौकी में संचालित प्रताप नारायण मिश्र स्मारक सरस्वती विद्या मंदिर में कंप्यूटर लैब स्थापित करने के लिए राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 5.25 लाख की धनराशि माह मई में भेजी। विद्यालय में 20 कंप्यूटर राज्यपाल की ओर से स्थापित कराए, वही विद्यालय प्रबंधन द्वारा 17 कंप्यूटर लगाए गए हैं। इस अवसर पर राज्यपाल जी ने ‘‘सभ्यताओं की प्रस्तावनाएं जनजातियाँ‘‘ नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया।
आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज जनपद लखीमपुर खीरी के सुदूरवर्ती भारत नेपाल बॉर्डर पर 39 वीं बटालियन एसएसबी की बीओपी सौनहा में सैनिक सम्मेलन आयोजित हुआ। राज्यपाल ने कहा कि कोई भी संस्था सभी के समेकित प्रयासों से चलती है। हम सबको मिलकर सुरक्षित, आत्मनिर्भर एवं सुशिक्षित भारत बनाना है। जिम्मेदारी को दिल से एवं समय से निभाते हुए परिणाम तक डटे रहें, तभी भारत समर्थ, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि बॉर्डर एरिया पर संचालित शैक्षिक संस्थानों में जाकर संवाद करें। थारू जनजाति के बच्चों पर अधिकारी शिक्षक बहुत ध्यान दे रहे हैं। अब सोच बदल चुकी है, सबको पढ़ना होगा। शैक्षिक संस्थानों में जाते रहिए उन्हें यहां लाइए और बॉर्डर भी दिखाइए। आनंदीबेन पटेल ने जनपद लखीमपुर खीरी में भ्रमण कार्यक्रम के दूसरे दिन तहसील ब्लॉक पलिया के सुदूरवर्ती क्षेत्रों का दौरा किया। राज्यपाल ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, ओडीओपी प्रदर्शनी आंगनवाड़ी केन्द्र, प्राथमिक विद्यालय, एसएसबी0के सैनिक सम्मेलन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुई।
जनपद के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय सोनहा में राज्यपाल ने शिक्षा प्राप्त कर चुके ऐसे मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया, जिन्होंने उच्चतर शिक्षा में एमबीबीएस सहित अन्य बेहतर स्ट्रीम व संस्थानों में प्रवेश पाया। उन्होंने पुलिस में चयनित पुराने विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया.राज्यपाल ने निर्देश दिए कि बच्चों के लक्ष्य के मुताबिक सेमिनार आयोजित करें, उनमें अफसरों, सेना, चिकित्सक आमंत्रित करें, जो बच्चों को जिज्ञासाओं को शांत करते हुए उनका मार्गदर्शन करे। बच्चों की आवश्यकतानुरूप पुस्तकालय में पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। राज्यपाल जी के पूछने पर अफसरों ने बताया कि यहां कई जनपदों के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। राज्यपाल ने विद्यालय परिसर में लगाई गई ओडीओपी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
 ब्लॉक पलिया के आंगनबाड़ी केंद्र सोनहा में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ग्राम वासियों से आग्रह किया कि अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र अवश्य भेजें। बच्चे की शिक्षा अनवरत जारी रहे, हम सबको मिलकर सुनिश्चित करना होगा।
राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केंद्र के लिए पांच किट उपलब्ध कराई, जिसमें उन्होंने बच्चों को कुर्सियों, मेज, खिलौने, साइकिल सहित किट की अन्य सामग्री सौपी। राज्यपाल ने महिलाओं को पुष्टाहार किट देकर गोद भराई संस्कार व छह माह के बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया। उन्होंने दस दिव्यांगों को कृतिम उपकरण एवं पांच लाभार्थियों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड प्रदान किए।

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