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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में से ईदगाह को हटाए जाने पर कोर्ट में जमकर बहस हुई

आशु कौशिक

मथुरा। श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से ईदगाह मस्जिद को हटाने वाले केस में सुनवाई हुई, सुनवाई के दौरान सूट नंबर चार और सूट नंबर 15 में बहस जारी रही, पिछली डेट पर सूट नंबर 4 में बहस हुई थी. मुस्लिम पक्ष ने कहा कि यहां पर लिमिटेशन एक्ट और वरशिप एक्ट 1991 प्रभावी है, हिंदू पक्ष की तरफ से एडवोकेट सत्यवीर सिंह ने कहा कि यहां पर यह जमीन आदरणीय मदन मोहन मालवीय आदि द्वारा खरीदी गई जमीन है और इस जमीन पर पहले भी कई बार न्यायालय में केस चल चुका है, इसलिए यहां पर वरशिप एक्ट 1991लागू नहीं होता और हिंदू पक्ष ने लिमिटेशन एक्ट पर भी अपनी दलीलें पेश की. दिनेश शर्मा ने कहा कि हिंदू पक्ष ने अपने प्राचीन साक्ष्य,पुरानी खेवट की नकल,खसरा खतौनी नकल, नगर निगम का असेसमेंट, रेलवे का मुआवजा, जमीन की बैनामा की कॉपी,आदि सब न्यायालय में जमा कर दिया है, दिनेश शर्मा ने कहा कि मुस्लिम पक्ष के पास ना तो पानी का बिल है और ना ही बिजली का बिल है,वह किस आधार पर यह कह सकता है कि यहां मस्जिद की  जमीन है. मुस्लिम पक्ष बार-बार कहता चल आ रहा है कि यह मुकदमा चलने योग्य नहीं है. दिनेश शर्मा ने कहा कि मुस्लिम पक्ष न्यायालय को गुमराह कर रहा है, उसके पास कोई भी प्राचीन साक्ष्य नहीं है,वह केवल वरशिप एक्ट 1991 के बहाने और लिमिटेशन एक्ट के बहाने ही अपनी दलीलें पेश करके  न्यायालय का समय नष्ट कर रहा है. उन्होंने कहा हमको विश्वास है न्यायालय साक्ष्य के आधार पर अपना फैसला करेगा और उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब जल्द से जल्द ईदगाह मस्जिद का सर्वे होगा,सर्वे की रिपोर्ट अधिकारी के द्वारा न्यायालय में जमा होगी तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा और अयोध्या की तरह भगवान श्री कृष्ण का मथुरा में भव्य मंदिर बनेगा और विवादित ढांचा यहां से हट जाएगा. उन्होंने कहा उनको संविधान पर पूरा विश्वास है. दिनेश शर्मा ने कहा कि आज बहस पूरी नहीं हो पाई है इसलिए माननीय न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 20 मई सोमबार की डेट लगा दी है.

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