आनंदी बेन का प्रेरणादायक विद्यार्थी जीवन, विद्यालय जाने के लिए पैदल जाती थीं 5 किमी.
डॉ दिलीप अग्निहोत्री

आनंदी बेन पटेल गुजरात की पहली मुख्यमंत्री बनीं था। आज वह उत्तर प्रदेश की राज्यपाल है। संघर्षों की राह पर चलते हुए उन्होंने समाज जीवन में अपना गरिमापूर्ण मुकाम बनाया। उनका विद्यार्थी जीवन वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने जनभवन में प्राचार्यों की बैठक में अपने विद्यार्थी जीवन को याद किया। बताया कि वह प्राथमिक शिक्षा के लिए प्रतिदिन लगभग पांच किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय जाती थीं। विद्यालय से वापस आने के बाद पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन भी करती थीं। सीमित संसाधनों में अध्ययन करते हुए उन्होंने माध्यमिक शिक्षा हेतु बारह किलोमीटर की पैदल यात्रा करती थीं। महाविद्यालय में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के बीच अध्ययन किया। आज जब सुविधाएं बढ़ी हैं, तो उसी अनुपात में शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि महाविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि समग्र समाज के निर्माण का आधार होते हैं। जिस प्रकार एक घर का सुव्यवस्थित संचालन आवश्यक होता है, उसी प्रकार महाविद्यालय भी एक सशक्त संस्था के रूप में कार्य करते हैं, जहां से समाज की दिशा और प्रवृत्ति निर्धारित होती है।



