2600 छात्राओं, 600 अभिभावकों और 150 आचार्याओं ने एक स्वर में किया सामूहिक गायन
आगरा। राष्ट्र की चेतना, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा के प्रतीक ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गणेश राम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, बल्केश्वर में भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में 2600 छात्राओं, 600 अभिभावकों, 150 आचार्याओं और प्रबंध समिति के सदस्यों ने एक समय, एक लय और एक स्वर में सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता की आरती से हुआ। इसके बाद सामूहिक वंदे मातरम् गायन और राष्ट्रगान हुआ। बड़ी संख्या में छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षिकाओं के एक साथ राष्ट्रगीत गाने से विद्यालय परिसर में देशभक्ति का वातावरण बना।
वंदे मातरम् राष्ट्रीय चेतना का सशक्त स्वर : डॉ. बीना शर्मा
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. बीना शर्मा ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् भारत की मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना का सशक्त स्वर है।

उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रप्रेम को केवल आयोजनों तक सीमित न रखने तथा उसे कर्तव्य, अनुशासन, सेवा और संस्कार के रूप में अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।
राकेश गर्ग की अध्यक्षता में हुआ आयोजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के संरक्षक एवं उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राकेश गर्ग ने की। उनके मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से जुड़े संदेश दिए गए।
कार्यक्रम में पार्षद हरिओम गोयल की भी उपस्थिति रही। उनके सहयोग और मार्गदर्शन से आयोजन की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संपन्न हुईं।
विद्यालय की अध्यक्षा सीए अमिता गर्ग, संरक्षिका डॉ. प्रतिमा गुप्ता और सह-प्रबंधिका श्वेता बंसल सहित प्रबंध समिति के सदस्य कपिल नगर, ममता अग्रवाल, श्वेता अग्रवाल, आकांक्षा अग्रवाल और अनु चावला मौजूद रहे। पार्षद पूजा बंसल ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षिकाओं की रही भूमिका
विद्यालय की संचालिका चारु पटेल के निर्देशन तथा सह-संचालिका रश्मि अग्रवाल के सहयोग से कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप दिया गया। कार्यक्रम की संयोजिका श्रुति सिंघल ने विभिन्न व्यवस्थाओं का समन्वय किया।
हजारों स्वरों में गूंजा वंदे मातरम्
सामूहिक गायन में 2600 छात्राओं, 600 अभिभावकों और 150 आचार्याओं के साथ प्रबंध समिति के सदस्यों ने भी सहभागिता की। सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसर में वंदे मातरम् की गूंज सुनाई दी।

छात्राओं के उत्साह और अभिभावकों की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया। आचार्याओं ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
नई पीढ़ी को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने का संदेश
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल सामूहिक गायन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय चेतना और कर्तव्य की भावना से जोड़ने का माध्यम बना।
आयोजन के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, संस्कार और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। सामूहिक गायन के साथ विद्यालय परिसर में कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
