आगरा। दीपावली केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का पर्व नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियों का उजाला भरने का संदेश भी देती है। इसी सेवा, सहयोग, समानता और मानवता की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करने वाले आगरा के वरिष्ठ समाजसेवी एवं उद्योगपति डॉ. विजय किशोर बंसल समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं।
डॉ. विजय किशोर बंसल पिछले चार दशकों से अधिक समय से समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान, जरूरतमंदों की सहायता, शिक्षा के प्रसार और मानव सेवा के लिए निरंतर प्रयास करते रहे हैं। उनका मानना है कि त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी सार्थक होती है, जब समाज का जरूरतमंद और वंचित वर्ग भी खुशियों के इस पर्व में शामिल हो सके।
कोरोना काल में मानव सेवा की पेश की मिसाल
कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब देशभर में लोग स्वास्थ्य और आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, उस समय डॉ. विजय किशोर बंसल ने जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर सेवा अभियान में योगदान दिया। उपलब्ध प्रकाशित समाचारों के अनुसार, पुलिस-प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों के सहयोग से लगभग 25 लाख भोजन पैकेट वितरित किए गए। इस सेवा कार्य के लिए उनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन से जुड़े सम्मान में भी सामने आया।
शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने का प्रयास
डॉ. बंसल शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं। मथुरा के पांच प्राथमिक विद्यालयों की जिम्मेदारी लेने, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने तथा वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार के लिए किए गए प्रयास उनके सामाजिक कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं।
उनका मानना है कि किसी जरूरतमंद बच्चे को शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना उसके भविष्य को रोशन करने के समान है। इसी सोच के साथ उन्होंने शिक्षा से जुड़े विभिन्न सामाजिक प्रयासों में योगदान देने की दिशा में कार्य किया।
बुजुर्गों और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता
समाजसेवा के क्षेत्र में डॉ. विजय किशोर बंसल का योगदान केवल शिक्षा और भोजन वितरण तक सीमित नहीं रहा है। सामूहिक विवाह आयोजनों में सहयोग, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रयास, वृद्धाश्रम निर्माण में सहभागिता और जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे कार्यों के माध्यम से उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का प्रयास किया है।
उनके सेवा कार्यों में समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सहयोग देने की भावना प्रमुख रही है।
सम्मान और उपलब्धियों से बनी विशिष्ट पहचान
मानव सेवा और सामाजिक कार्यों के लिए डॉ. विजय किशोर बंसल को विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। उन्हें शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में मानद उपाधियां भी प्रदान की गई हैं।
वर्ष 2022 में दक्षिण कोरिया की बुसान यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज द्वारा उन्हें डॉक्टर ऑफ सोशल वर्क की उपाधि प्रदान किए जाने की खबर भी प्रकाशित हुई थी।
दीपावली पर दिया मानवता और खुशियों का संदेश
डॉ. विजय किशोर बंसल का मानना है कि दीपावली का वास्तविक अर्थ केवल अपने घर को रोशन करना नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाना है। समाज में प्रेम, भाईचारा, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करना ही इस पर्व का सच्चा उद्देश्य है।
उन्होंने देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना की। साथ ही उन्होंने अपील की कि इस पावन पर्व पर जरूरतमंदों की सहायता करें, बच्चों की शिक्षा में सहयोग दें और समाज में प्रेम एवं मानवता का प्रकाश फैलाएं।
सेवा का संकल्प, शिक्षा का प्रकाश और मानवता का सम्मान ही दीपावली के पर्व का वास्तविक संदेश है।
Byline: The Open Press
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