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ऑनलाइन कार्यक्रम ‘बातें मुलाकातें’ में कवि कुमार ललित को बनाया गया स्पेशल गेस्ट

आगरा। माउंट आबू स्थित ब्रह्मकुमारीज के रेडियो मधुबन 107.8 एफ एम पर चर्चित ऑनलाइन कार्यक्रम ‘बातें मुलाकातें’ में होली के अवसर पर उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा निराला पुरस्कार से सम्मानित आगरा के कवि कुमार ललित को स्पेशल गेस्ट के रूप में सहभागिता करने का स्वर्णिम अवसर मिला।
इस कार्यक्रम की 1892 वीं कड़ी में स्ट्रीम यार्ड के लिंक से जुड़कर आरजे रमेश खेड़े के साथ बात करते हुए कवि कुमार ललित ने अपनी साहित्य- यात्रा के बीज अंकुरण से लेकर रचना-प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए दोहे, गीत, गजल, मुक्तकों और अन्य कविताओं के पुष्पित-पल्लवित होने के बारे में बताया। भारत के विभिन्न शहरों और भारत के बाहर बैंकॉक में साहित्य यात्रा के अनुभवों को साझा किया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में मौलिक सृजन की उपादेयता और प्रासंगिकता पर अपनी बात कही।
काव्य-पाठ के क्रम में उन्होंने देशभक्ति और वियोग श्रृंगार के साथ भीतर की यात्रा पर मुड़ने की प्रेरणा देने वाले गीत सुना कर जहाँ काव्य रसिकों का दिल छू लिया, वहीं उन्होंने होली के विशेष अवसर पर अपने दोहों से राष्ट्रीय एकता और सद्भाव का संदेश भी दिया।
बानगी देखें:-
1. हरे रंग से वो रँगें, तुम केसरिया रंग।
देश प्रेम के रंग से, दोनों खेलो संग।।
2. दूर हुए शिकवे-गिले, बैठे हैं सब पास।
बस्ती-बस्ती दिख रहा, सामूहिक उल्लास।।
कार्यक्रम की शुरुआत में श्रीमती सुधा दवे ने होली के सुमधुर गीत के साथ कवि कुमार ललित का स्वागत किया। आरजे रमेश खेड़े ने कवि कुमार ललित की रचना धर्मिता पर प्रकाश डालते हुए उनको मिले पुरस्कारों सहित साहित्य-क्षेत्र में उनके योगदान को दर्शकों और श्रोताओं के समक्ष रेखांकित किया।
गौरतलब है कि कार्यक्रम के ऑनलाइन प्रसारण के दौरान शुरू से अंत तक लाइव जुड़ रहे दर्शकों और श्रोताओं का भरपूर प्यार उनकी प्रतिक्रियाओं के रूप में कवि कुमार ललित और उनकी रचनाओं को अनवरत मिलता रहा।
कार्यक्रम को दर्शकों और श्रोताओं का अपार प्यार मिलने के बाद रेडियो मधुबन 107.8 एफ एम के स्टेशन हेड यशवंत पाटिल और आरजे रमेश खेड़े द्वारा हस्ताक्षरित प्रशंसा प्रमाण पत्र भी कवि कुमार ललित को ऑनलाइन जारी किया गया।

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