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स्वच्छ नारी, सशक्त समाज: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के MSW छात्रों ने कुंआ खेड़ा में जगाई ‘मासिक धर्म स्वच्छता’ की अलख

​आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के समाज कार्य (MSW) विभाग के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य और स्वच्छता का संदेश पहुँचाने के लिए एक सराहनीय पहल की है। बुधवार को विश्वविद्यालय के ‘सामुदायिक कार्य’ पाठ्यक्रम के अंतर्गत कुंआ खेड़ा गांव स्थित एस.एच. पब्लिक स्कूल में ‘महिला मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता’ (Women Menstrual Hygiene and Health) विषय पर एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
​भ्रांतियां मिटाकर स्वच्छता का दिया संदेश
​कार्यक्रम के दौरान MSW के छात्रों ने गांव की महिलाओं, किशोरियों और आशा कार्यकर्ताओं को मासिक धर्म से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी दी। छात्रों ने सरल भाषा में समझाया कि यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और इस दौरान स्वच्छता न बरतना गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए छात्राओं को सैनिटरी पैड के सही उपयोग और उसके सुरक्षित निपटान का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) भी दिया गया।
​मुख्य अतिथि का संबोधन: स्वस्थ महिला ही सशक्त भारत की नींव
​राजा लक्ष्मण सिंह वेलफेयर सोसाइटी की अपूर्वा सिंह जादौन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “एक स्वस्थ और स्वच्छ महिला ही स्वस्थ परिवार और सशक्त भारत की असली नींव होती है।” इस अवसर पर उपस्थित सभी महिलाओं और छात्राओं को सैनिटरी पैड का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
​मार्गदर्शन और टीम वर्क
​यह सफल आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के कुशल मार्गदर्शन और डॉ. राजीव वर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना गया और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संकल्प दिलाया गया।
​इस अभियान को सफल बनाने में MSW विभाग के छात्र आकाश, ख्याति, नेहा, लक्ष्मी, प्रियांशी, आदित्य, आर्येन्द्र, मुकुल, प्रवेन्द्र और हरेन्द्र ने अपना विशेष योगदान दिया।

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