आगरा। आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर 20 सितंबर की तड़के हुए सड़क हादसे में खंदौली थाने के सिपाही हर्ष तोमर की मौत के मामले में नया तथ्य सामने आया है। हादसे के समय कार में हर्ष तोमर और हरीश शर्मा के साथ एक महिला भी मौजूद थी। घायल महिला प्रेमलता को उपचार के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले में प्रेमलता के 17 वर्षीय बेटे यश ने दोनों सिपाहियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यश का आरोप है कि हादसे के बाद उसकी मां के घायल होने की जानकारी तत्काल स्पष्ट रूप से नहीं दी गई और उसे बाद में घटना की पूरी जानकारी मिली।
गांव नेकपुर निवासी 35 वर्षीय प्रेमलता के पति की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी थी। बेटे यश के मुताबिक, मेरठ निवासी सिपाही हर्ष तोमर और हरीश शर्मा का उसके गांव में आना-जाना था। उसकी मां ने बाइक फाइनेंस कराई थी और उसकी किस्त भी जमा की गई थी। यश का कहना है कि घटना से तीन-चार दिन पहले दोनों सिपाही नोटिस लेकर उनके घर पहुंचे थे।
यश के अनुसार, 19 सितंबर की रात दोनों सिपाही एक निजी कार से घर आए और उसकी मां से थाने चलने को कहा। यश ने भी साथ चलने की बात कही, लेकिन आरोप है कि उसे धमकाकर शांत रहने को कहा गया। सिपाहियों ने कथित तौर पर कहा कि बाइक जिसके नाम पर है, थाने उसी व्यक्ति को जाना होगा।
अगली सुबह दोनों सिपाही घर पहुंचे और परिवार को बताया कि अलीगढ़ हाईवे पर पीलीपोखर के पास प्रेमलता का एक्सीडेंट हो गया है और उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने के बाद यश अस्पताल पहुंचा और अपनी छोटी बहन पायल को घर पर छोड़कर मां की देखभाल में जुट गया।
यश का आरोप है कि उसे हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी बाद में मिली। उसका यह भी कहना है कि गांव के कुछ लोग मामले की शिकायत लेकर थाने पहुंचे, लेकिन उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई।
फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और आधिकारिक पक्ष से ही हादसे की परिस्थितियों तथा पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
