कोलकाता। आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन (IHWO) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NEC) की महत्वपूर्ण बैठक कोलकाता के सियालदह स्थित मौलाली युवा केंद्र में आयोजित की गई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सकों, संगठन के पदाधिकारियों, प्रदेश अध्यक्षों, महासचिवों और आजीवन सदस्यों ने हिस्सा लिया।
बैठक में संगठन की पिछले वर्षों की गतिविधियों और उपलब्धियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही होम्योपैथी और आयुष व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा डॉ. सैमुअल हनीमैन की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जे.एन. सिंह रघुवंशी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समक्ष संगठन की गतिविधियों और उपलब्धियों की समीक्षा प्रस्तुत की।
डॉ. पार्थ सारथी शर्मा का हुआ सम्मान
बैठक का प्रमुख आकर्षण आगरा के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक एवं संगठन के संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव डॉ. पार्थ सारथी शर्मा का सम्मान रहा। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. एन.एस. रघुराम ने संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका और आगामी राष्ट्रीय सेमिनार के सफल आयोजन की जिम्मेदारी से जुड़े कार्यों के लिए डॉ. पार्थ सारथी शर्मा को सम्मानित किया।

बैठक में डॉ. पार्थ सारथी शर्मा की संगठनात्मक भूमिका और आगामी राष्ट्रीय सेमिनार की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई।
आयुष और होम्योपैथी से जुड़े मुद्दे उठे
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आयुष मंत्रालय से संबंधित विभिन्न विषयों तथा होम्योपैथी को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में अपेक्षित स्थान और सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर चर्चा हुई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जे.एन. सिंह रघुवंशी ने कहा कि आयुष मंत्रालय के गठन के बाद भी आयुष पद्धतियों, विशेषकर होम्योपैथी को जमीनी स्तर पर स्थापित करने की दिशा में कई चुनौतियां बनी हुई हैं।
बिहार से पहुंचे सरकारी होम्योपैथिक चिकित्सकों ने भी अपनी समस्याएं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सामने रखीं। संगठन के अनुसार, चिकित्सकों ने कुछ सरकारी अस्पतालों में होम्योपैथिक औषधियों की नियमित आपूर्ति नहीं होने का मुद्दा उठाया। इसके अलावा कुछ सरकारी होम्योपैथिक चिकित्सकों से सिविल सर्जन के आदेश पर एलोपैथिक दवाओं का वितरण कराए जाने की समस्या भी बैठक में रखी गई।
इन मुद्दों पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने विचार-विमर्श किया। संगठन के अनुसार, निर्णय लिया गया कि संबंधित समस्याओं को भारत सरकार के आयुष मंत्री के समक्ष रखा जाएगा। संगठन ने आयुष व्यवस्था के अंतर्गत कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सकों को उनकी चिकित्सा पद्धति के अनुरूप आवश्यक औषधियां और सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
फरवरी 2027 में राजगीर में राष्ट्रीय सेमिनार
राष्ट्रीय महासचिव डॉ. एन.एस. रघुराम ने बैठक में आगामी राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि संगठन का अगला राष्ट्रीय सेमिनार फरवरी 2027 में राजगीर, बिहार में आयोजित किया जाएगा।
सेमिनार की तैयारियों और संगठनात्मक समन्वय में डॉ. पार्थ सारथी शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों और सदस्यों ने आगामी सेमिनार को लेकर सुझाव भी दिए।
देशभर से पहुंचे वरिष्ठ चिकित्सक
कार्यक्रम में संगठन के मानद अध्यक्ष डॉ. मनोरंजन पाल (बंगाल), राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. आर.सी. श्रीवास्तव (उत्तर प्रदेश) और संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव डॉ. पार्थ सारथी शर्मा (उत्तर प्रदेश) सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में डॉ. पी.के. चटर्जी, डॉ. राम अयोध्या ठाकुर, डॉ. सुतापा गोहा, डॉ. आर.एन. सिंह, डॉ. कुसुमाकर, डॉ. के.के. सिंह, डॉ. डी.के. पटेल, डॉ. सहदेव सहित विभिन्न राज्यों के अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, आजीवन सदस्य और वरिष्ठ चिकित्सकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का आयोजन आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की कोलकाता शाखा के संयोजन में किया गया। आयोजन की जिम्मेदारी संगठन के राष्ट्रीय सहायक सचिव डॉ. अमित कुमार की देखरेख में संपन्न हुई।
समापन पर संगठन के पदाधिकारियों ने होम्योपैथी को जनसामान्य तक पहुंचाने, चिकित्सकों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाने और संगठन को देशभर में अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
