आगरा। यूट्यूब पर प्रसारित ‘बाप चलावे सैलून, बेटी दिखावे बैलून’ शीर्षक गीत को लेकर सविता-सैन समाज के प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि वीडियो में प्रयुक्त कथित आपत्तिजनक शब्दों से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। मामले को लेकर सविता सैन महासभा उत्तर प्रदेश (रजि.) की ओर से पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।
महासभा ने पुलिस से वीडियो की निष्पक्ष साइबर जांच कराने तथा जांच में कानून का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की मांग की है।

महासभा के संस्थापक राजू सविता ने बताया कि समाज के प्रतिनिधियों ने वीडियो में नाई समाज और सैलून व्यवसाय से जुड़े लोगों के पेशे को कथित तौर पर आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किए जाने पर नाराजगी जताई है। महासभा की ओर से मांग की गई कि वीडियो के मूल अपलोडर, संबंधित यूट्यूब चैनल तथा वीडियो के निर्माण, गायन, लेखन, रिकॉर्डिंग, अपलोडिंग और प्रचार-प्रसार से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जाए।
महासभा के अनुसार, वीडियो के संबंध में बिहार के वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र के इमुरा गांव निवासी गणेश लाजबाब यादव पुत्र चन्द्रेश भगत का नाम सामने आया है। महासभा ने पुलिस से इस संबंध में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है।
महानगर अध्यक्ष राजीव सविता और चंद्रभान समाधिया ने कहा कि महासभा ने पुलिस से वीडियो में प्रयुक्त कथित आपत्तिजनक शब्दों की संदर्भ सहित जांच कराने और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

महासभा के प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को जांच से पहले दोषी ठहराना नहीं है। उनका कहना है कि समाज की भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान पार्षद अरविन्द मथुरिया, पवन सिंह, संजीव मथुरिया, सुलेखा श्रीवास्तव, नरेंद्र कुमार आर्य, राजेश कुमार सेन, गोपाल सेन, विजय सविता, सतीश सविता, कन्हैया लाल सविता, कृष्ण कुमार सिंह, जितेंद्र सिंह सविता, उमेश सविता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
