सड़क चौड़ीकरण भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की

आगरा। तहसील एत्मादपुर के गांव बांसमोहन सराय जलेसर रोड से एक लिंक रोड निकला हुआ है जो कि लगभग लगभग तहसील एत्मादपुर के 18 गांव से होकर बरहन तक जाता है, जिन गांव से होकर यह मार्ग निकला है उनमें से प्रमुख गांव अगरपुर, घड़ी बाजरा, घडी सहजा, चिरोहली, चावली, बैलोटी, बुर्ज शिव सिंह, नगला ताज, मुखवार, बांस बोडिया, बरहन आदि गांवों से होकर यह मार्ग निकला है, इसी मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य शासन तथा प्रशासन द्वारा करवाई संस्था के माध्यम से कराया जा रहा है, सड़क चौड़ीकरण के लिए किसानों के खेतों से जमीन अधिग्रहण किया गया है, सड़क चौड़ीकरण के लिए जब किसानों के खेतों से जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा था तो किसानों ने इसका विरोध किया था तथा कहा था कि सरकार तथा प्रशासन जितनी जमीन हमारे खेत से ले रहे है, उसका मुआवजा भूमि अधिग्रहण बिल 2014 के अनुसार दिया जाए, किसानों के इस विरोध को दबाने के लिए तथा किसानों को गुमराह करने के लिए जिससे कि किसानों को मुआवजा ना देना पड़े इसके लिए प्रशासन तथा कार्य संस्था द्वारा किसानों से सहमति पत्रों पर यह कहकर हस्ताक्षर कर लिए कि मुआवजा बहुत जल्द दिया जाएगा, किसानों ने प्रशासन की बात पर विश्वास किया तथा सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए तथा सहमति प्रदान कर दी कि खेतों से जमीन का अधिग्रहण कर लिया जाए जब किसान ने प्रशासन पर विश्वास करके अपने खेतों से जमीन का अधिग्रहण करा दिया तथा प्रशासन द्वारा किसान की जमीन पर किए गए अधिग्रहण पर कब्जा कर लिया गया तथा सड़क चौड़ी भी कर दी गई, वर्तमान समय में इसी सड़क पर गिट्टी डालकर पक्की करने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन अब तक किसानों को अधिग्रहण की गई जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया है, इसको लेकर किसानों में आक्रोश है. किसान के साथ धोखेबाजी की गई है तथा उसको अब तक मुआबजा नहीं दिया गया है, किसानों की मांग है कि जब तक किसानों की अधिग्रहण की गई जमीन का मुआवजा नहीं दिया जाता है तब तक सड़क को पक्की ना किया जाए क्योंकि यदि शासन तथा प्रशासन पर किसान की जमीन का मुआवजा देने के लिए पैसा नहीं है तो किसान की जमीन को वापस कर दे ओर यदि पैसा है तो किसान को पहले जमीन अधिग्रहण का मुयाबजा दिया जाए, उसके बाद ही सड़क को पक्की किया जाए, सड़क चौड़ीकरण प्रभावित किसानों की मांग है कि भूमि अधिग्रहण बिल 2014 का अनुपालन करते हुए अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को सर्किल रेट के चार गुना मुआवजा दिया जाए तथा मुआवजा सड़क पक्की होने से पूर्व दिया जाए यदि ऐसा नहीं होता है तो प्रभावित तथा पीडित किसान एक बड़ा आंदोलन करेंगे, इसका जिम्मेदारी शासन तथा प्रशासन की होगी।



