
लखनऊ। राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि विगत कुछ वर्षों के दौरान यूपी में जन जातीय गांवों के विकास का नया अध्याय लिखा गया है। सरकार निरंतर जनजातीय कल्याण के कार्य कर रही हैं। सरकार द्वारा बीस लाख जनजातीय व्यक्तियों को वनभूमि के पट्टे प्रदान किये गये हैं। जनजातीय युवाओं के शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय खोले जा रहे हैं। सरकार द्वारा नब्बे वन उपजों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। जनजातीय बहुल जिलों मेडिकल कॉलेज स्थापित हो रहे हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में नल से जल योजना क्रियान्वित की गई। सरकार ने खनिज नीति में ऐसे परिवर्तन किए। जिनसे जनजातीय वर्ग को वन क्षेत्रों में खनिजों के उत्खनन से लाभ मिलने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थारू और वनटांगिया समुदाय की उपेक्षा को दूर किया। उनके गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। थारू जनजाति से जुड़े बच्चों के लिए छात्रावास एवं स्कूल का निर्माण कराया गया है। वर्तमान सरकार ने पहली बार चौवन वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा प्रदान किया। आंगनबाड़ी केन्द्र, बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का निर्माण कराया गया। यहां के लोगों को आवास,शौचालय, विद्युत की सुविधा, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन सुविधाओं के साथ ही, शासन की अन्य विभिन्न योजनाओं का शत
प्रतिशत लाभ पहुंचाया गया। प्रदेश सरकार मुसहर बस्तियों, थारू,चेरो,गोंड़, बुक्सा,सहरिया, कोल, खरवार जनजातियों को सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया गया। गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से वनवासी क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यह यूपी की भारत नेपाल सीमा के तराई क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के लिए एक वार्षिक निःशुल्क स्वास्थ्य अभियान है। श्री गुरु गोरखनाथ सेवान्यास द्वारा संचालित यह यात्रा लखीमपुर, बहराइच,श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करती है।



