खंदौली में एडिशनल कमिश्नर से बोले किसान, उचित मुआवजा नहीं मिला तो वे भूमि अधिगृहीत नहीं होने देंगे
डीके श्रीवास्तव

आगरा। आगरा-अलीगढ़ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर शुक्रवार को एडिशनल कमिश्नर राजेश कुमार यादव, एडीएम आजाद भगत सिंह और एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह ने गांव रामनगर, खंदौली, मलूपुर, पैंतखेड़ा का निरीक्षण किया। यहां प्रस्तावित सड़क मार्ग और अधिगृहीत होने वाली भूमि का जायजा लिया। इस दौरान किसानों ने अधिकारियों के सामने कम मुआवजे को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। किसानों ने कहा कि उनकी उपजाऊ और बेशकीमती जमीन के मुकाबले बेहद कम दर तय की गई है। किसानों ने साफ कहा कि यदि जमीन के हिसाब से उचित मुआवजा नहीं मिला तो वे भूमि अधिगृहीत नहीं होने देंगे। निरीक्षण के दौरान किसानों ने अधिकारियों को बताया कि क्षेत्र की जमीन बेहद उपजाऊ और कीमती है, लेकिन अवार्ड बनाते समय वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज किया गया है। किसान नेता हरिओम सिंह जूरैल, मनोज कुमार शर्मा, वीके चौधरी, ब्रजमोहन सिसोदिया ने सर्किल रेट पर सवाल उठाते हुए कहा है कि गांव मलूपुर में 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर, रामनगर में 80 लाख रुपये और पैंतखेड़ा में 20 लाख रुपये की दर तय की गई है, जबकि कई स्थानों पर पहले से ही डेढ़ करोड़ रुपये तक का सर्किल रेट लागू है। उन्होंने कहा कि तय दरों में शीघ्र संशोधन होना चाहिए। एडिशनल कमिश्नर राजेश कुमार यादव ने किसानों को आश्वस्त किया कि सही और उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा, किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के समाधान में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।



