महाविद्यालयों को राज्यपाल का निर्देश

महाविद्यालयों में उपलब्ध पांडुलिपियों का समुचित संकलन एवं गणना कर उसका विवरण ‘ज्ञान भारतम’ पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए।
महाविद्यालय परिसरों में अधिकाधिक पौधारोपण करने तथा ‘मियावाकी तकनीक’ के माध्यम से सीमित स्थानों में घने वन विकसित करने के निर्देश भी दिए, ताकि उपलब्ध भूमि का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से संबद्ध वित्तपोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक।
राज्यपाल ने कहा कि
परंपरागत खेल तथा भाषण एवं लेखन प्रतियोगिताएं बिना अधिक व्यय के प्रभावी ढंग से आयोजित की जा सकती हैं।
आधुनिक तकनीक के माध्यम से कुंडली निर्माण जैसे कौशल विकसित कर आय सृजन के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं।
संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु महाविद्यालयों द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय
राजभवन में संचालित आदर्श माध्यमिक विद्यालय में पंद्रह वर्ष से अधिक आयु के चालीस विद्यार्थियों को ‘अग्निवीर’ प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
महाविद्यालय योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें, नवाचार को अपनाएं तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।



