एनुअल बिजनेस समिट में यूपी के विकास का संदर्भ

नई दिल्ली में सीआईआई द्वारा आयोजित एनुअल बिजनेस समिट में विकसित यूपी के संदर्भ से लोग प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तथ्यों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने कहा..विकसित भारत के विजन के अनुरूप हम वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को अचीव किया जाएगा।
अलग अलग क्षेत्र की नीतियां बनाकर प्रदेश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाया गया है।
व्यापक लैण्ड बैंक बनाया गया। एमएसएमई क्षेत्र को पुनर्जीवित किया गया है। ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए अनेक रिफॉर्म किए गए।
वर्तमान में उत्तर प्रदेश ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर स्टेट है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 32,000 से अधिक बड़े उद्योग हैं। इनमें से 18,000 से अधिक नए उद्योग विगत 08-09 वर्षों में स्थापित हुए हैं। प्रदेश में वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स स्थापित हैं। यह यूनिट्स बड़े उद्योगों की ताकत हैं। इस क्षेत्र तीन करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा रहा है। वर्ष 2018 में ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के माध्यम से एम एस एम ई क्षेत्र को प्रोत्साहित किया गया, इसकी ब्राण्डिंग की गई, इसे तकनीक, डिजाइन तथा पैकेजिंग से जोड़ा। आज यह क्षेत्र बेहतर तरीके से कार्य कर रहा है।
पहले ही इन्वेस्टर्स समिट में हमें 4,67,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत निवेश प्रस्तावों की ग्राउण्ड ब्रेकिंग कराने में सफलता प्राप्त की गई है। अब तक हमें लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में आज 75,000 एकड़ लैण्ड बैंक भी उपलब्ध है।
प्रदेश की इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी 4-लेन से जुड़ी है। वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे। आज भारत के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। भारत का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क यू0पी0 में हैं। सबसे अधिक शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए मेट्रो की सेवाएँ प्रदेश दे रहा है। दिल्ली-मेरठ के बीच देश की पहली रैपिड रेल प्रारम्भ हो चुकी है। भारत का पहला इनलैण्ड वॉटर-वे वाराणसी से हल्दिया के बीच संचालित हो चुका है। ईस्टर्न एण्ड वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर उत्तर प्रदेश से होकर गुजरते हैं। इनका जंक्शन भी प्रदेश में है।
वर्ष 2017 में प्रदेश में लखनऊ और वाराणसी के दो एयरपोर्ट पूरी तरह क्रियाशील थे। गोरखपुर और आगरा एयरपोर्ट आंशिक रूप से संचालित थे। वर्तमान में प्रदेश में 16 एयरपोर्ट पूरी तरह कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में पाँच इण्टरनेशनल एयरपोर्ट हैं। भारत का सबसे बड़ा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बनाया गया है। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के पास लगभग 14,000 एकड़ भूमि उपलब्ध है। वहाँ कार्गो, लॉजिस्टिक हब तथा एम0आर0ओ0 फैसिलिटी उपलब्ध करायी जा रही है। मेरठ से प्रयागराज के बीच उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण हो चुका है। यह राज्य सरकार द्वारा बनाया गया है। वर्तमान में भारत की पचपन प्रतिशत मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग उत्तर प्रदेश में हो रही है। करीब साठ प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट यूपी में बन रहे हैं।
नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता मिली है। प्रदेश की जीएसडीपी भी तीन गुना हुई है। विगत नौ वर्षों में हमने प्रदेश की कृषि विकास दर को आठ प्रतिशत से बढ़ाकर अठारह प्रतिशत पहुँचाने में सफलता प्राप्त की है। हमारी इण्डस्ट्री ग्रोथ लगभग तीस प्रतिशत की दर से आगे बढ़ी है।
गत वर्ष प्रदेश में करोड़ पर्यटक आए। दुनिया के किसी भी देश की इतनी आबादी नहीं है।
यहाँ काशी, अयोध्या, मथुरा-वृन्दावन, विन्ध्यवासिनी धाम, नैमिषारण्य, शुकतीर्थ तथा बौद्ध एवं जैन सर्किट हैं।
उत्तर प्रदेश ने कानून व्यवस्था, निवेश, आधारभूत संरचना और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।
समिट में अयोध्या, श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकुम्भ जैसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों की भी सराहनीय हैं।



