उत्तर प्रदेश

सांस्कृतिक चेतना का शंखनाद है

भारत सरकार द्वारा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अटूट आस्था के हजार वर्ष’ का विराट स्मरणोत्सव 11 जनवरी, 2026 से 11 जनवरी, 2027 तक वर्ष पर्यन्त देशभर में विविध आयोजनों, यात्राओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जा रहा है। पिछले दिनों
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री काशी विश्वनाथ धाम में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अन्तर्गत ज्योतिर्लिंग एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में सम्मिलत हुए।
राज्यपाल जी ने काशी और सोमनाथ को भारतीय सभ्यता के दो अमर स्वर बताते हुए कहा कि एक ने समुद्र की लहरों के मध्य आस्था का दीप जलाए रखा, तो वहीं दूसरे ने गंगा की अविरल धारा के साथ ज्ञान, मोक्ष और अध्यात्म का संदेश सम्पूर्ण विश्व को दिया।
इतिहास ने अनेक बार सोमनाथ मन्दिर की दीवारों को तोड़ने का प्रयास किया, आक्रमणों ने इसके शिखरों को झुकाने का दुस्साहस किया, किन्तु हर बार सोमनाथ मन्दिर उसी तेज, दिव्यता और अदम्य आत्मविश्वास के साथ पुनः खड़ा हुआ। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सभी एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार होते हुए देख रहे हैं। सौराष्ट्र में श्री सोमनाथ महादेव मन्दिर की पुनर्प्रतिष्ठा व सुन्दरीकरण के कार्यक्रम के साथ ही काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल में महालोक की स्थापना का कार्यक्रम, अयोध्याधाम में भगवान श्रीराम जन्मभूमि में श्रीरामलला मन्दिर निर्माण का कार्यक्रम सहित सनातन परम्परा से जुड़े हुए अनेक तीर्थस्थल अपने वैभव के साथ विकास की नई यात्रा के मार्ग पर बढ़ रहे हैं।

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