आगरा : बरसात के मौसम में टाइफाइड, डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। दूषित पानी, जलभराव और मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। इसलिए इन बीमारियों के लक्षण पहचानना, समय पर जांच कराना और उचित उपचार लेना बेहद जरूरी है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि बरसात के दौरान आने वाले हर बुखार को सामान्य वायरल संक्रमण मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार बुखार होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेकर आवश्यक रक्त जांच करानी चाहिए, ताकि सही समय पर बीमारी की पहचान और उपचार शुरू किया जा सके।
टाइफाइड (Typhoid)
टाइफाइड Salmonella Typhi बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है, जो मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के माध्यम से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं—लगातार तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, पेट दर्द, भूख कम लगना तथा कब्ज या दस्त। इसकी पुष्टि होने पर चिकित्सक की सलाह के अनुसार एंटीबायोटिक दवाओं का पूरा कोर्स लेना आवश्यक है।
डेंगू (Dengue)
डेंगू Aedes मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ पानी में पनपता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते तथा कुछ मामलों में प्लेटलेट्स की संख्या कम होना शामिल है। डेंगू के दौरान पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना, आराम करना और चिकित्सकीय निगरानी में उपचार कराना जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के इबुप्रोफेन या डाइक्लोफेनाक जैसी दर्द निवारक दवाएं नहीं लेनी चाहिए।
मलेरिया (Malaria)
मलेरिया Anopheles मच्छर के काटने से होता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं—ठंड लगकर तेज बुखार आना, अत्यधिक पसीना आना, सिरदर्द, कमजोरी और उल्टी। जांच के बाद डॉक्टर द्वारा निर्धारित एंटी-मलेरियल दवाओं का पूरा कोर्स लेना चाहिए।
बचाव के उपाय
केवल साफ, उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं।
घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
मच्छरदानी, फुल बाजू के कपड़े और मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करें।
बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की पुष्टि के लिए आवश्यक रक्त जांच समय पर अवश्य कराएं।
जनहित संदेश
डॉ. उपेंद्र कुमार ने कहा कि "बरसात के मौसम में बुखार को सामान्य वायरल संक्रमण समझकर अनदेखा न करें। समय पर सही जांच, उचित उपचार और चिकित्सकीय सलाह से टाइफाइड, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से होने वाली गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। जागरूकता, स्वच्छता और समय पर चिकित्सा ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया की वायरल संक्रमण होने पर तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ केंद्र पर उपचार करायें
