आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के के.एम. इंस्टीट्यूट ऑफ हिंदी एवं भाषाविज्ञान के भाषाविज्ञान विभाग को एक महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। विभाग को Students’ Conference of Linguistics in India (SCONLI-17) के आयोजन का अवसर प्राप्त हुआ है। इस सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत भारतीय भाषा संस्थान (CIIL), मैसूर ने शैक्षणिक सहयोग के साथ ₹3 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है।
विशेष उल्लेखनीय है कि SCONLI-17 के आयोजन का अवसर भाषाविज्ञान विभाग के शोधार्थियों की सक्रिय अकादमिक सहभागिता के माध्यम से प्राप्त हुआ। SCONLI के आयोजन के लिए विभिन्न संस्थानों/विश्वविद्यालयों के बीच वोटिंग प्रक्रिया तथा तार्किक एवं अकादमिक रूप से महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर के आधार पर मेजबान संस्थान का चयन किया गया। इस प्रक्रिया में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के भाषाविज्ञान विभाग की ओर से भाषाविज्ञान के शोधार्थी सूर्यमणि कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विभाग की ओर से प्रभावी ढंग से सहभागिता करते हुए पूछे गए तार्किक एवं अकादमिक प्रश्नों के उत्तर प्रस्तुत किए।
इस पूरी प्रक्रिया में सूर्यमणि कुमार की शोध-निर्देशक तथा विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम यादव का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन एवं योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में शोधार्थी द्वारा विभाग की अकादमिक क्षमता, शोध गतिविधियों तथा सम्मेलन के आयोजन से संबंधित विभिन्न पक्षों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। शोधार्थी और विभागाध्यक्ष के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप विभाग को SCONLI-17 के आयोजन का यह महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।
SCONLI-17 का आयोजन 25 से 27 फरवरी 2027 तक के.एम. इंस्टीट्यूट ऑफ हिंदी एवं भाषाविज्ञान, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में प्रस्तावित है। CIIL, मैसूर द्वारा 11 सितंबर 2026 को जारी पत्र में सम्मेलन के लिए शैक्षणिक सहयोग स्वीकार किए जाने तथा ₹3,00,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करने पर सैद्धांतिक सहमति की जानकारी दी गई है। यह वित्तीय सहायता नियमानुसार प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के आधार पर PFMS के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
सम्मेलन के माध्यम से देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के भाषाविज्ञान के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों को एक साझा अकादमिक मंच प्राप्त होगा, जहाँ भारतीय भाषाओं सहित भाषाविज्ञान के विभिन्न समकालीन एवं शोधपरक विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
भाषाविज्ञान विभाग के लिए यह उपलब्धि न केवल SCONLI-17 की मेजबानी का अवसर है, बल्कि शोधार्थियों की अकादमिक सक्रियता, विभागाध्यक्ष के मार्गदर्शन और विभाग की शोधपरक क्षमता की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान का भी महत्वपूर्ण प्रमाण है।
प्रो नीलम यादव
विभागाध्यक्ष, भाषा विज्ञान
KMI, पालीवाल पार्क परिसर
डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा
