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भाजपा जिला महामंत्री की दबंगई में पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, दुबे पर दर्ज हैं 11 मुकदमे

आगरा। भाजपा जिला महामंत्री और उनके साथियों ने शोक सभा के दौरान भी ऐसी करतूत की कि हर कोई हैरान रह जाए। जिला महामंत्री सत्यदेव दुबे और उनके लगभग 15 अज्ञात साथियों शोक सभा के दौरान जानलेवा हमला, मारपीट और गाली-गलौज किया। पुलिस ने गंभीर धाराओं में दुबे और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
बताया गया कि ताज नगरी फेज-2 निवासी हिमेश वित्थरिया पर हमला किया गया। थाना बसौनी में दी तहरीर के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 3:23 बजे की घटना है। हिमेश वित्थरिया ग्राम गढ़िया में सांसद प्रतिनिधि मुन्ना लम्बर के पिता के निधन पर शोक व्यक्त करने गए थे। जैसे ही वह वहां से निकलने लगे, तभी जिला महामंत्री भाजपा सत्यदेव दुबे तीन गाड़ियों और करीब 15 अन्य सशस्त्र लोगों के साथ वहां पहुंचे और उन्हें घेर लिया। उन पर हथियार तानकर जान से मारने की धमकी दी। सत्यदेव दुबे और उनके साथियों ने सोची-समझी साजिश के

बासौनी का मामला शोक कार्यक्रम के दौरान किया जानलेवा हमला
तहत वित्थरिया के साथ बदतमीजी और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने अभद्र गालियां दीं और जानलेवा हमले की नीयत से उन पर हथियार तान दिया। किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर वित्थरिया ने खुद को बचाया। थाना बसौनी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 मई 2026 को मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 191 (2) (दंगा), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 352 (अपमान) के तहत मामला पंजीकृत किया है। हिमेश वित्थरिया ने पुलिस को बताया कि करीब तीन साल पहले भी सत्यदेव दुबे ने उनके आगरा स्थित कार्यालय पर हमला किया था, जिसका मुकदमा थाना सदर में दर्ज है। वर्तमान में, उप-निरीक्षक विनीत कुमार मामले की जांच कर रहे हैं।

दुबे पर दर्ज हैं 11 मुकदमे

सत्ताधारी पार्टी के जिला महामंत्री सत्यदेव दुबे के खिलाफ यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी उनके खिलाफ 11 मुकदमे पंजीकृत हैं। उनकी दबंगई के चर्चे आम है। पिछले दिनों एक दरोगा ने भी धमकाने की शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। सूत्रों के अनुसार पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी सत्यदेव दुबे का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उन पर पूर्व में 11 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें संगीन अपराध और जमीन से संबंधित विवाद शामिल हैं। क्षेत्र में उनकी छवि एक ‘भूमाफिया’ के रूप में रही है। जमीन कब्जाने के कई मामले लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, अवैध खनन में भी उनकी संलिप्तता की चर्चाएं रही हैं।

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