Category - संपादकीय

संपादकीय

प्राइवेट अस्पतालों में कमाई का साधन बना कोरोना

निजीकरण को बढ़ावा देती सरकारी नीतियां का यह परिणाम है कि प्राइवेट अस्पतालों में कमाई का साधन बना कोरोना ।ऑक्सीजन- वेंटीलेटर के बीच अस्पतालों का सच- झूठ आम जनता...

नई दिल्ली संपादकीय

सॉरी PM, ऑक्सीजन संकट अकल्पनीय नहीं था : रवीश कुमार

नई दिल्ली। यह सही है कि इस साल जैसा ऑक्सीजन की सप्लाई का संकट पहले कभी नहीं हुआ लेकिन यह भी सही है कि इसी सरकार के कार्यकाल में भारत के तीन राज्यों में ऑक्सीजन...

संपादकीय

महामारी के दौरान ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में कमी?

देश के अधिकांश स्वास्थ्य केंद्र अकुशल या अर्ध-कुशल पैरामेडिक्स द्वारा चलाए जाते हैं और ग्रामीण सेटअप में डॉक्टर शायद ही कभी उपलब्ध होते हैं। आपात स्थिति में...

संपादकीय

देश की बेरोजगारी दर 12 फीसदी पहुंची, पहली बार इतनी बदतर हाल में पहुंची जीडीपी : अजय शुक्ल

राष्ट्रीय सांख्यकी मंत्रालय के मुताबिक 2020-21 के वित्तीय वर्ष में जीडीपी 135 लाख करोड़ रही, जो पिछले साल 145 लाख करोड़ थी। इस वक्त हमारे देश की जीडीपी -7.3...

संपादकीय

योगी को हटाकर क्या भाजपा यूपी जैसी हिंदुत्व की प्रयोगशाला जीत सकती है?

बीजेपी में आजकल क्या वाकई सब कुछ समान्य हैं..? आखिर हिंदुत्व के सबसे बड़े पोस्टर बॉय योगी को हटाकर एक गुमनाम नौकरशाह को मुख्यमंत्री बनाकर क्या भाजपा यूपी जैसी...

संपादकीय

यूपी कांग्रेस को नये राजनीतिक चेहरे की तलाश – के. पी. मलिक

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में करारी हार और कोरोना संकट में विफलता के कारण देश में भाजपा के खिलाफ एक माहौल बनता जा रहा है। इसको देखकर लगता है कि विपक्ष को...

संपादकीय

यूपी विभाजन कर सियासी संकट से निकलेंगे मोदी?

के. पी. मालिक भाजपा की मोदी सरकार ने हाल ही में केंद्र में सात साल पूरे किए हैं। सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में कोरोना महामारी से उत्पन्न संकट में फेल होती नजर...

संपादकीय

पश्चिम बंगाल की हिंसा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतराः स्पप्नदास गुप्ता

पश्चिमी बंगाल के हाल में ही संपन्न हुए चुनावों के बाद हुई व्यापक हिंसा भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय बन गई है। देश में ऐसा पहली बार हुआ है, कि...

संपादकीय

बाबा रामदेव और IMA के बीच विवाद : डॉ शशांक

आजकल मीडिया में बाबा रामदेव और IMA के बीच विवाद की खबरें जगह बना रहीं हैं । बेशक बाबा रामदेव ने अपने वक्तव्य में मर्यादा की लाइन क्रॉस अवश्य की है जिसमें वे...

संपादकीय

ये जीवन-मृत्यु का गंभीर समय है, आपसी रस्साकशी का नहीं : डॉo सत्यवान सौरभ

कोविड ने स्मार्ट गवर्नेंस की जगह पैदा कर दी है, सहकारी संघवाद के जरिये केंद्र और राज्यों को अविलंब विश्वास की कमी को दूर करना चाहिए, यह जीवन और मृत्यु का मामला...

Live TV

GMaxMart.com

Our Visitor

1186522
Hits Today : 1018
LIVE OFFLINE
track image
Loading...