जनपद की स्वास्थ्य इकाइयों पर मनाया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस, हुई गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच
पीएमएसएमए दिवस मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम- सीएमओ

अलीगढ़। जनपद में शनिवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें जिला अस्पताल मोहनलाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय, पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय, सौ शय्या चिकित्सालय अतरौली सहित जनपद के 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती की प्रसवपूर्व जांच की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि गर्भवती को प्रसवपूर्व जांच और पोषण संबंधी जानकारी प्रदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे गर्भवती महिलाओं की सेहत और गर्भस्थ शिशु की सेहत दोनों बेहतर होती है। गर्भवती को आयरन, कैल्शियम और एलबेंडाजोल की गोलियां देने से उनकी सेहत में सुधार होता है इसके अलावा, गर्भवती को पोषण के साथ-साथ आयरन और कैल्शियम का सेवन करने को लेकर विस्तृत काउंसलिंग करना भी आवश्यक है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जवां के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अंकित सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस से गर्भवती को सुरक्षित मातृत्व सेवाएं प्रदान करने में मदद मिलती है और मातृ मृत्यु दर को कम करने में भी सहायता मिलती है। पीएमएसएमए दिवस के अवसर पर गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच की गई। गर्भवती को आयरन, कैल्शियम की गोलियां भी दी गई। उन्होंने ने बताया कि सीएचसी जवां पर 1,9,16 और 24 जनवरी को पीएमएसएमए दिवस आयोजित हुए। इनमें कुल 538 गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच की गई। इनमें से 84 उच्च जोखिम वाली गर्भवती चिन्हित हुईं, जिनको संदर्भित किया गया।
गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. शिदरा अंसारी ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस के दौरान गर्भवती का टीकाकरण, आयरन व कैल्शियम की गोलियों का वितरण, आयरन सुक्रोज, अल्ट्रासाउंड सहित, यूरिन, हीमोग्लोविन, शुगर, सिफलिस, वजन, पेट की जांच, हेपेटाइटिस बी, ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, टीबी और एचआईवी की जांच की गई । उन्होंने ने बताया कि पीएमएसएम दिवस पर प्रसव पूर्व जांच के लिए आने वाली गर्भवती को खान-पान का विशेष ध्यान रखने के लिए परामर्श दिया गया।
डीसीपीएम कमलेश चौरसिया ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस पर गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच के अलावा केंद्र पर आने वाले दंपति को बास्केट ऑफ च्वॉइस की सहायता से परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सपोर्टिव सुपर विजन एवं पीएमएसएमए की ऑनलाइन चेकलिस्ट भी भरी जाती हैं।
बीसीपीएम रजिया ने बताया कि सीएचसी और पीएचसी पर आने वाली गर्भवती को चिकित्सक जब अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं तो वहां के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर द्वारा जनपद स्तर पर सूचना दी जाती है और जिला स्तर से ही एक से डेढ़ घंटे में ई-रूपी वाउचर जेनरेट कर लाभार्थी को दिया जाता है। स्मार्ट फोन वाले लाभार्थी के पास क्यू आर कोड चला जाता है, जबकि सामान्य फोन वाले लाभार्थी को एसएमएस भेजा जाता है।
ग्राम कस्तली कलां की 25 वर्षीय रानी बताती हैं कि उनके दूसरे बच्चे के दौरान जांच में पता चला कि उन्हें खून की कमी है, उनका हीमोग्लोबिन 8 था। डॉक्टर की सलाह और दवाओं से अब उनका हीमोग्लोबिन 10.1 हो गया है। रानी कहती हैं कि पीएमएसएमए दिवस आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए वरदान है, यहां सभी जांचें और दवाएं उपलब्ध हैं।
इस दौरान नर्सिंग ऑफिसर अर्चना, बीपीएम राजकुमार सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।



