
प्रभु श्री कृष्ण की लीला भारत ही नहीं दुनिया के अनेक देशों प्रचलित है। अमेरिका सहित यूरोप के विकसित देशों में श्री भक्ति में लीन भक्तों को देखा जा सकता है। मथुरा में प्रभु ने अवतार लिया था। बाद में वह द्वारकाधीश हुए। सांस्कृतिक एकता के सूत्र व्यापक हैं। लखनऊ लोकभावन में कृष्णावतारम फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग समारोह में भी माहौल भक्तिमय हो गया। कृष्णा कृष्णा,राधे राधे से लोकभवन सभागार गूंज उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह फिल्म भगवान कृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से दिखाती है। ‘कृष्णावतारम्’ में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में द्वापर युग, भारतीय पुरातन संस्कृति और सनातन परंपरा के विभिन्न आयामों को भव्यता के साथ दर्शाया गया है। फिल्म की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भगवान कृष्ण के साथ राधा, रुक्मिणी और सत्यभामा की प्रेम कथाओं को अलग-अलग स्वरूपों में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में मुख्य अभिनेत्री के रूप में सत्यभामा का किरदार निभाने वाली कलाकार का नाम भी संस्कृति है। जिन्होंने इस भूमिका को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। बच्चे और युवा इस फिल्म को देखकर अपनी संस्कृति, परंपरा और सनातन विरासत को समझेंगे। बरसाना, मथुरा और वृंदावन में संबोधन राधे-ल राधे का ही होता है।गुजरात में जय श्री कृष्ण का संबोधन सुनाई देता है। फिल्म के निर्देशक हार्दिक गज्जर हैं। फिल्म में सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृति, सुष्मिता भट्ट और निवासिनी कृष्णन मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसमें जैकी श्रॉफ और आशुतोष राणा भी हैं।



