खंदौली में करोड़ों रुपये की लागत से बने नए टाउन विद्युत उपकेंद्र की बिजली ठप्प, लोग हुए परेशान, बढ़ रहा आक्रोश
भूपेंद्र भारद्वाज मौत

आगरा। भीषण गर्मी और तापमान में वृद्धि के बीच बिजली कटौती, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। खंदौली क्षेत्र में लोग बिजली संकट का सामना कर रहे हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई और लोगों का दैनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बिजली गुल रहने से कई घरों में इनवर्टर जवाब दे गए। विभागीय अधिकारी कर्मचारी इतने लापरवाह हैं कि उन्हें जनता की तकलीफों से सरोकार नहीं है। इधर शाम के समय जब भी बारिश होने की संभावना दिखती है, हवा चलती हैं तो बिजली बंद कर दी जाती है। यह समस्या कई दिनों से बनी हुई है। पिछले दो तीन दिनों से बिजली की समस्या गंभीर हो गई है। जब नागरिकों ने जेई को फोन लगाया तो मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। उजरई कन्ट्रोल रूम पर फ़ोन किया तो उन्होंने नए टाउन विद्युत उपकेंद्र पर फ़ोन करने के लिए कह दिया।
कई बार बंद हो रही बिजली पर जानकारी नहीं मिलती कहीं से
गाँव के प्रधान ने बताया की खंदौली में आये दिन अघोषित बिजली कटौती कर दी जा रही है, कारण जानने लोग जब विद्युत के कार्यालय में फोन लगाते हैं तब फोन रिसीव नहीं किया जाता, खंदौली की विद्युत व्यवस्था चरमराई हुई है। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिससे लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने बताया की विभाग की तरफ से कोई भी कटौती का शेड्यूल जारी नहीं किया जाता।
व्यापरियों को हो रही ज्यादा परेशानी
चक्की वालों ने बताया की रात भर बिजली ट्रिप करती रही जिसके कारण चक्की नहीं चल पायी उधर व्यापारिन मुहल्ले में ev ऑटो चालकों ने बताया की बिजली कटौती के कारण उनके ऑटो चार्ज नहीं हो पाए बिजली कटौती की वजह से उनके ऑटो नहीं चल पाए और उनका हजारो रुपए का नुकशान हुआ है।
मेंटेनेंस में कमी या विभागीय लापरवाही
सूत्रों के मुताबिक गत दिनों कर्मचारियों ने मेंटेनेंस किया था। इस दौरान पेड़ की टहनियां काटी गई थीं वहीं झूलते तार को सही किया गया था। मेंटेनेंस के बाद भी बिजली किन कारणों से काटी जाती है यह विभागीय अधिकारी नहीं बताते हैं। यह उनकी लापरवाही या फिर लापरवाही ही है।
आपको बता दें
हाल ही में सांसद प्रो एस पी सिंह बघेल और विधायक एत्मादपुर धर्मपाल सिंह ने 8.15 करोड़ रुपये की लागत से बने 10 एमवीए विद्युत उपकेंद्र का उद्घाटन किया था। विभाग ने 5 हजार उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली देने का दावा किया था, लेकिन समयस्या वहीँ की वहीँ बनी हुई है।



