महाराजा सूरजमल आगरा किला विजय दिवस को लेकर अखिल भारतीय जाट महासभा ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी से की मुलाकात

आगरा। अजेय रियासत भरतपुर के अजेय महाराज सूरजमल ने 12 जून 1761 को आगरा किले पर कब्जा कर सदियों से गुलाम चल रहे आगरा सहित ब्रज क्षेत्र की जनता को मुगलिया सल्तनत के अत्याचारों से आजाद करने का काम किया था। भरतपुर रियासत के महाराजा सूरजमल के पुत्र महाराजा जवाहर सिंह महाराजा रणजीत सिंह आदरणीय आगरा किले पर 13 वर्ष से अधिक शासन किया और आगरा में अनेक विकास कार्य थे जो आज भी जीवंत है।
अखिल भारतीय जाट महासभा ने लंबे समय से विभिन्न माध्यमों से आगरा किले में सरकारी स्तर पर महाराजा सूरजमल आगरा किला विजय दिवस मनाए जाने की मांग थी इस मांग को पिछले वर्ष माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने स्वीकार कर आगरा किले में सरकारी स्तर पर विजय दिवस मनाने के निर्देश दिए थे लेकिन लेकिन उसे दिन अहमदाबाद प्लेन त्रासदी के कारण विजय दिवस नहीं मनाया जा सका था लेकिन इस वर्ष मनाए जाने के आश्वासन मौके पर आए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने दिया था ।
इसी परिपेक्ष्य में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह से मुलाकात कर विजय दिवस बनाए जाने के बारे में जानकारी प्राप्त की और कई बिंदुओं पर चर्चा की।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने बताया आगरा विजय दिवस मनाने की प्रक्रिया चल रही है अगले सप्ताह शासन से स्वीकृति मिल जाएगी और विजय दिवस जोर शोर से मनाया जाएगा ।
अखिल भारतीय जाट महासभा के जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को ब्रज क्षेत्र व समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
इस पर क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने ब्रज क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों व गणमान्य जनों को आमंत्रण भेज कर आमंत्रित करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में जाट महासभा के जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर, महानगर अध्यक्ष गजेंद्र नरवर (पूर्व पार्षद), महामंत्री वीरेंद्र सिंह छोंकर, उपाध्यक्ष सतवीर रावत, किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह, महानगर महामंत्री लोकेंद्र चौधरी, उपाध्यक्ष सुभाष रावत, सुदामा सिंह छौंकर,चौ.गजेन्द्र सिंह खिरबार, हवलदार राकेश सिंह, उदयवीर सिंह, करतार सिंह,दीपक सिंह, राहुल चौधरी , गौरव सिंह सोलंकी आदि प्रमुख थे



