भारतीय सद्भावना मंच ने आयोजित किया गुरु पूर्णिमा एवं राष्ट्र रक्षा सूत्र कार्यक्रम
आगरा। भारतीय सद्भावना मंच की ओर से गुरु पूर्णिमा एवं राष्ट्र रक्षा सूत्र कार्यक्रम का आयोजन पालीवाल पार्क स्थित डायमंड जुबली सभागार में किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक देवार्षि डॉ. इंद्रेश कुमार, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रमोद जैन, प्रदेश अध्यक्ष युवा अमित जैन, पूर्व कैबिनेट मंत्री गिर्राज दंडोतिया, भारतीय सद्भावना मंच की राष्ट्रीय संयोजिका साध्वी मां कल्पना अरुंधति और सीए अर्जुन मूंदड़ा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. इंद्रेश कुमार ने कन्या पूजन किया। इसके बाद मुस्लिम भजन गायक फैजान खान ने ‘अयोध्या में राम आए’ भजन प्रस्तुत कर सभागार को भक्तिमय कर दिया।
अनेकता में एकता भारत की खूबसूरती: डॉ. इंद्रेश कुमार
मुख्य वक्ता डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारतीय सद्भावना मंच का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारों को पहुंचाना और आपसी संवाद स्थापित करना है।
उन्होंने कहा कि अनेकता में एकता कोई झगड़ा नहीं, बल्कि भारत की खूबसूरती है। समाज में भाईचारा और आपसी प्रेम बनाए रखना बेहद जरूरी है।
डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि लोगों के नाम और पूजा पद्धतियां अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन इससे आपसी संबंधों में दूरी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राखी केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच सुरक्षा, सम्मान और विश्वास का प्रतीक भी है।
उन्होंने समाज से जाति-पाति के भेदभाव को समाप्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी विश्वास, संवाद और भाईचारे को मजबूत करते हैं, जिससे राष्ट्र की एकता और अखंडता भी सुदृढ़ होती है।
101 हिंदू-मुस्लिम बहनों ने बांधी सामूहिक राखी
कार्यक्रम संयोजक अमित जैन नायक ने बताया कि राष्ट्र रक्षा सूत्र कार्यक्रम के तहत 101 हिंदू और मुस्लिम बहनों ने मंच पर सामूहिक रूप से डॉ. इंद्रेश कुमार को राखी बांधी।
इस दौरान सभी बहनों ने सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का यह क्षण आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।
कश्मीर की मुस्लिम महिलाओं को भेंट की गईं प्रतिमाएं
कार्यक्रम में कश्मीर से विशेष रूप से आमंत्रित मुस्लिम महिलाओं को श्री बांके बिहारी जी और गणपति जी की प्रतिमाएं भी भेंट की गईं।
आयोजकों के अनुसार, इन प्रतिमाओं को कश्मीर के एक मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए ले जाया जाएगा।
कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विभिन्न समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। मंच संचालन एकता जैन ने किया।
