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शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026
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अप्सा समूहगान प्रतियोगिता में 17 विद्यालयों ने दिखाई सांगीतिक प्रतिभा, गायत्री पब्लिक स्कूल ने जीता प्रथम पुरस्कार

अप्सा समूहगान प्रतियोगिता में 17 विद्यालयों ने दिखाई सांगीतिक प्रतिभा, गायत्री पब्लिक स्कूल ने जीता प्रथम पुरस्कारआगरा। सुर, लय और ताल के अद्भुत संगम के बीच बुधवार, 14 अक्टूबर को गणेश राम नागर सरस्वत…

अप्सा समूहगान प्रतियोगिता में 17 विद्यालयों ने दिखाई सांगीतिक प्रतिभा, गायत्री पब्लिक स्कूल ने जीता प्रथम पुरस्कार
गणेश राम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, बल्केश्वर में आयोजित अप्सा समूहगान प्रतियोगिता में सांगीतिक प्रस्तुतियां देते विद्यार्थी।

अप्सा समूहगान प्रतियोगिता में 17 विद्यालयों ने दिखाई सांगीतिक प्रतिभा, गायत्री पब्लिक स्कूल ने जीता प्रथम पुरस्कार

आगरा। सुर, लय और ताल के अद्भुत संगम के बीच बुधवार, 14 अक्टूबर को गणेश राम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, बल्केश्वर में अप्सा (APSA) की अंतर्विद्यालयीय समूहगान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में आगरा के 17 प्रतिष्ठित सीबीएसई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी सांगीतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और श्रोताओं का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में गायत्री पब्लिक स्कूल, शास्त्रीपुरम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

भारतीय संगीत की परंपरा और सामूहिक एकता का दिखा संगम

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी सुमधुर आवाज, स्वर की शुद्धता, लयबद्धता और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा की झलक प्रस्तुत की। सामूहिक गायन के दौरान विद्यार्थियों के बीच बेहतर तालमेल, अनुशासन और एकता की भावना देखने को मिली।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती चारु पटेल ने अतिथियों एवं प्रतिभागी विद्यालयों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संगीत भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, संवेदनशीलता, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण की प्रभावशाली विधा भी है। समूहगान विद्यार्थियों में सहयोग, समन्वय और सामूहिक एकता की भावना विकसित करता है।

अनुभवी निर्णायक मंडल ने किया मूल्यांकन

प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की विदुषी प्रोफेसर श्रीमती अमिता त्रिपाठी, गायिका एवं साहित्यकार श्रीमती ललिता करमचंदानी तथा संगीत शिक्षक एवं शास्त्रीय संगीत साधक श्री जितेंद्र सिंह ने निभाई।

प्रोफेसर श्रीमती अमिता त्रिपाठी हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रतिष्ठित गायिका, शोध निर्देशक और संगीत गुरु हैं। उन्होंने चार दशकों से अधिक समय तक संगीत शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया है। वह आगरा विश्वविद्यालय में ललित कला संकाय की डीन भी रह चुकी हैं। वृंदावन के हरिदास संगीत सम्मेलन, ताज महोत्सव और अन्य राष्ट्रीय मंचों पर उनकी प्रस्तुतियां सराही गई हैं। आकाशवाणी एवं दूरदर्शन पर भी उनके गायन का प्रसारण होता रहा है।

श्रीमती ललिता करमचंदानी शास्त्रीय गायन में प्रभाकर उपाधि प्राप्त एवं आकाशवाणी की मान्यता प्राप्त कलाकार हैं। वह भजन, गजल, गीत और सूफी संगीत की प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं। सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था 'गुनगुनाती जिंदगी' की संस्थापिका और 'लफ्जों के फरिश्ते' पुस्तक की लेखिका के रूप में वह संगीत, साहित्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

श्री जितेंद्र सिंह शास्त्रीय संगीत के शिक्षक और संगीत प्रभाकर उपाधि प्राप्त कलाकार हैं। उन्होंने भारतीय संगीतालय से शास्त्रीय गायन की शिक्षा प्राप्त की तथा अपने गुरु श्री गजेंद्र चौहान के मार्गदर्शन में संगीत का अध्ययन किया। वर्तमान में वह आगरा के दयालबाग एवं आवास विकास सेक्टर-4, बोदला में सरस्वती म्यूजिक अकादमी की दो शाखाओं का संचालन कर रहे हैं।

निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन स्वर की शुद्धता, लयबद्धता, तालमेल, उच्चारण, भावाभिव्यक्ति और समग्र प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दी शानदार प्रस्तुतियां

समूहगान प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी मधुर आवाज और उत्कृष्ट सामंजस्य से वातावरण को संगीतमय बना दिया। प्रत्येक प्रस्तुति में विद्यार्थियों का अभ्यास, संगीत के प्रति समर्पण और शिक्षकों का मार्गदर्शन स्पष्ट दिखाई दिया।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का उत्साह देखने को मिला। उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों ने तालियों के साथ प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। समूहगान की प्रस्तुतियों में स्वर-सामंजस्य, भावों की अभिव्यक्ति और सामूहिक एकता ने विशेष रूप से प्रभावित किया।

अप्सा समूहगान प्रतियोगिता के परिणाम

निर्णायक मंडल द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए। विजेता विद्यालयों की सूची इस प्रकार रही—

  • प्रथम पुरस्कार: गायत्री पब्लिक स्कूल, शास्त्रीपुरम, आगरा।
  • द्वितीय पुरस्कार: प्रील्यूड पब्लिक स्कूल, दयालबाग।
  • तृतीय पुरस्कार: सनफ्लावर पब्लिक स्कूल, दयालबाग।
  • प्रथम सांत्वना पुरस्कार: सी. एफ. एंड्रयूज स्कूल, यूनिट-3।
  • द्वितीय सांत्वना पुरस्कार: सी. एफ. एंड्रयूज स्कूल, यूनिट-1।
  • तृतीय सांत्वना पुरस्कार: सेंट एंड्रयूज पब्लिक स्कूल, कर्मयोगी।

विजेता विद्यालयों के विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने पर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। निर्णायक मंडल ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संगीत में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन, धैर्य और समर्पण आवश्यक है।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में संगीत की अहम भूमिका

विद्यालय की प्रबंधिका डॉ. बीना शर्मा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में संगीत का महत्वपूर्ण स्थान है। संगीत व्यक्ति के अंतर्मन को परिष्कृत करने के साथ उसमें संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध, अनुशासन और सामूहिकता की भावना विकसित करता है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ सांस्कृतिक एवं कलात्मक गतिविधियों में भागीदारी भी आवश्यक है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करती हैं और उनमें आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं।

प्रधानाचार्या श्रीमती चारु पटेल ने विजेता एवं प्रतिभागी विद्यालयों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतियोगिता में विजय प्राप्त करना गौरव की बात है, लेकिन सहभागिता, निरंतर सीखने की भावना और अपनी कला के प्रति समर्पण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि अप्सा के माध्यम से आयोजित ऐसी प्रतियोगिताएं विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को साझा मंच प्रदान करती हैं। इससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और पारस्परिक सौहार्द को प्रोत्साहन मिलता है।

कार्यक्रम के अंत में निर्णायक मंडल, प्रतिभागी विद्यालयों, संगीत शिक्षकों और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सुरों की मधुर गूंज, विद्यार्थियों के उत्साह और भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा के साथ संपन्न हुई यह प्रतियोगिता उपस्थित लोगों के लिए यादगार बन गई।

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Editorial Team · इंडिया समाचार 24

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