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बुधवार, 16 सितंबर 2026
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उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताने के बयान पर अभाविप की कांग्रेस पर तीखी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद द्वारा उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताए जाने संबंधी कथित बयान पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अभाविप…

उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताने के बयान पर अभाविप की कांग्रेस पर तीखी प्रतिक्रिया
उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताए जाने संबंधी बयान पर अभाविप ने कांग्रेस पर प्रतिक्रिया दी।

नई दिल्ली। कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद द्वारा उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताए जाने संबंधी कथित बयान पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री श्रवण बी. राज ने कांग्रेस पर राष्ट्रवाद की परिभाषा बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तियों को ‘राष्ट्रवादी’ बताना दुर्भाग्यपूर्ण है।

श्रवण बी. राज ने कहा कि कांग्रेस द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम को राष्ट्रवादी बताए जाने से पार्टी की राष्ट्रवाद को लेकर बदलती हुई सोच सामने आती है। उन्होंने दावा किया कि यदि कांग्रेस सत्ता में होती तो उमर खालिद और शरजील इमाम को पद्मश्री जैसे सम्मान दिए जाते।

अभाविप नेता ने कहा कि अफजल गुरु के समर्थन और ‘फ्री कश्मीर’ जैसे नारों एवं अभियानों से जुड़े विवादित प्रसंगों के संदर्भ में जिन व्यक्तियों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठते रहे हैं, उन्हें राष्ट्रवादी बताना उचित नहीं है।

देश की एकता और अखंडता को लेकर अभाविप का रुख

श्रवण बी. राज ने कहा कि अभाविप का मत स्पष्ट है कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के विरुद्ध खड़े होने वाले किसी भी तत्व का महिमामंडन स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और शैक्षणिक परिसर ज्ञान, शोध, तर्कपूर्ण विमर्श और स्वस्थ बहस के केंद्र हैं। अभाविप हर विषय पर अकादमिक चर्चा और विचार-विमर्श का समर्थन करती है, लेकिन संगठन के अनुसार अकादमिक स्वतंत्रता की आड़ में आतंकवाद अथवा देशविरोधी गतिविधियों के महिमामंडन और सामान्यीकरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

छात्र संगठनों और कार्यक्रमों को लेकर भी जताया विरोध

अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि वामपंथी समूहों और कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठनों की ओर से ऐसे विषयों को शैक्षणिक परिसरों में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि फिल्मों की स्क्रीनिंग अथवा अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से विवादित गतिविधियों और व्यक्तियों को सामान्य विमर्श का हिस्सा बनाने के प्रयासों का अभाविप विरोध करेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक परिसरों में स्वस्थ बहस और विचार-विमर्श का स्वागत है, लेकिन अभाविप के अनुसार राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के महिमामंडन के लिए विश्वविद्यालयों की गरिमा और अकादमिक वातावरण का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

अभाविप राष्ट्रीय मंत्री श्रवण बी. राज ने कहा कि विश्वविद्यालयों में वैचारिक मतभेदों के बावजूद स्वस्थ और तर्कपूर्ण संवाद बना रहना चाहिए, लेकिन संगठन ऐसे कार्यक्रमों का विरोध करेगा जिन्हें वह राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के महिमामंडन के रूप में देखता है।

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Dheeraj singh · Editorial Associate

धीरज सिंह कारोबार, बाज़ार और टेक्नोलॉजी बीट के पत्रकार हैं। शेयर बाज़ार, अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप और गैजेट्स पर सरल भाषा में विश्लेषण देना उनकी खासियत है। जटिल आर्थिक मुद्दों को वे आम पाठक के लिए…

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