लेख
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“डॉ. भीमराव आंबेडकर: मानव गरिमा (मानवता) का पुनर्निर्माण एवं सामाजिक क्रांति की गाथा”
सदी के महानायक, भारतरत्न, भारतीय संविधान शिल्पी, वांछित के मसीहा, महामानवतावादी, महाराष्ट्रवादी, बाबा साहेब, डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर आधुनिक भारत…
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“ग्रेटर आगरा योजना बनाम जन-आकांक्षाएं: विकास की दिशा, प्राथमिकताएं और वास्तविक आवश्यकताओं का आलोचनात्मक विश्लेषण”
वर्तमान समय में आगरा जो केवल एक ऐतिहासिक नगर नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक, पर्यटन, कृषि एवं औद्योगिक पहचान का…
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महान पार्श्व गायिका और संगीत जगत की धड़कन आशा भोसले (आशा ताई) का निधन – पार्श्व गायन के एक स्वर्णिम युग का अंत
देश की महान पार्श्व गायिका आशा भोंसले जी का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 8 सितंबर…
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बंगाल में आक्रामक हुआ चुनाव प्रचार, जारी हुआ भाजपा संकल्प पत्र
असम, केरल व पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव हेतु मतदान संपन्न हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के चुनाव…
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प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने कसी कमर, महापुरुषों की विरासत का होगा संरक्षण व सम्मान
अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि पर दिव्य व भव्य मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कारिडोर तथा मथुरा वृंदावन सहित प्रदेश भर के…
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परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक सफलता
पश्चिमी एशिया युद्ध और तनाव के मध्य भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र मे आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में…
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उत्तर प्रदेश के जातिवादी राजनैतिक दलों का बेनकाब होता चेहरा
उत्तर प्रदेश में सभी राजनैतिक दलों ने वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं।…
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बंगाल विधानसभा चुनावों से पूर्व फिर खेल हुआ प्रारंभ, आखिर कब तक बचाव कर पाएंगी ममता दीदी ?
वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधनासभा चुनाव घोषित हो चुके हैं। जैसे -जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे…
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विकसित उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनेगा जेवर एयरपोर्ट
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने जा रहे विधानसभा चुनावों से पूर्व विकास योजनाओं के लोकार्पण की लहर चल…
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“विकास का भूगोल और सत्ता की प्राथमिकताएं : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उदय में ताजनगरी आगरा के सपनों का विखंडन- मायावती, अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ की नीतियों का तुलनात्मक, आलोचनात्मक, सामाजिक-राजनीतिक विमर्श”
“विकास का भूगोल” समकालीन सार्वजनिक नीति और शासन-विमर्श का एक केंद्रीय अवधारणा-क्षेत्र है, जो यह स्पष्ट करता है कि संसाधनों,…
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“मानव-जीवन के मूल आधारस्तंभ: शिक्षा से पहले संस्कार, व्यापार से पहले व्यवहार और भगवान से पहले माता-पिता”
मानव-जीवन केवल जैविक अस्तित्व का नाम नहीं है, बल्कि यह मूल्यों, संबंधों, व्यवहारों और चेतना का एक समन्वित रूप है।…
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