आगराउत्तर प्रदेश

जहाँ विरोध है वहीं विकास है, बदलाव के लिए ‘एक समाज एक आवाज’ का नारा बुलंद करना होगा: बसंत वाल्मीकि

आगरा। वाल्मीकि जागरण मंच (महासभा) द्वारा रविवार को पंचकुइयाँ स्थित कल्याण पैलेस में विचार गोष्ठी के साथ होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान सामाजिक एकता झलकी। जब तक सूरज चाँद रहेगा, बाबा तेरा नाम रहेगा, जय जय वाल्मीकि, हर हर वाल्मीकि और वाल्मीकि एकता जिंदाबाद के नारे गूँजते रहे। राजनीतिक दलों द्वारा समाज की अनदेखी किए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया गया।
बाबा साहब, भगवान महर्षि वाल्मीकि और दक्ष प्रजापति की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ करने के बाद मुख्य अतिथि के रूप में पधारे एससी एसटी आयोग के सदस्य रमेश चंद कुंडे (कानपुर) ने समाज के उपस्थिति लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल आंबेडकर की जय बोलने से कुछ नहीं होगा, उनके आदर्शों पर भी हमको चलना होगा। एक बाबा साहब ने देश की तकदीर बदल दी। आज हम 12 करोड़ हो चुके हैं फिर भी सरकार में पहुँच नहीं पा रहे। राजनीतिक दल केवल वोट के लिए हमारा इस्तेमाल कर रहे हैं। कोई भी दल ना हमें मुख्य समाज में जोड़ता है, ना ही सरकार में..
वाल्मीकि जागरण मंच (महासभा) के अध्यक्ष बसंत वाल्मीकि ने कहा कि दलितों में वाल्मीकि समाज सबसे बड़ी आबादी है और प्रदेश की तीसरी सबसे बड़ी आबादी है। हम हिंदुत्व की विचारधारा पर भी चलते हैं इसके बावजूद सत्ता दल हमें भाव नहीं दे रहे। चिंतन करना होगा कि समाज की दुर्दशा क्यों हो रही है? हमारी कीमत कम क्यों है?
उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज को राजनीतिक भागीदारी मिलनी चाहिए। आगरा में नौ विधानसभा हैं, कम से कम एक विधानसभा हमारे समाज को अवश्य देनी चाहिए।
समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी रामजीलाल विद्यार्थी और श्री प्रकाश साहू ने की। समारोह में सभी के माथे पर चंदन तिलक लगाकर गले मिलकर होली की शुभकामनाएँ दी गईं। 51 किलो फूलों की माला से मुख्य अतिथि एससी एसटी आयोग के सदस्य रमेश चंद कुंडे का भव्य अभिनंदन किया गया। साथ ही समाज के सभी कार्यकर्ताओं को पटका पहनकर और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह का संचालन दिलीप गहलौत ने किया।
इस दौरान विशाल चौधरी, विष्णु चौहान, कमल गौतम, शहंशाह भाई, मुंशीलाल खरे, राकेश चौहान, मनीष करौसिया, विशाल पवार, राजवीर, दीपक चौहान, विष्णु साहू, इंद्रजीत सिंह वाल्मीकि, चौधरी कैलाश चौहान, विशन नायर, ओमकार वाल्मीकि, राकेश साहू, अशोक नरवार, संजय लहरी, शमशाबाद से सुरेश चंद वाल्मीकि और आकाश वाल्मीकि भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

Share this post to -

Related Articles

Back to top button