उत्तर प्रदेश

पर्व की भांति प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

कुछ तिथियां इतिहास में पर्व के रूप में प्रतिष्ठित हो जाती है। अयोध्या में श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की तिथि भी ऐसी है। पांच सौ वर्षों की प्रतिक्षा के बाद जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का सपना साकार हुआ था। प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ आ गई। एक बार फिर वैसा ही उत्साह दिखाई दिया। कलेंडर वर्ष की विदाई का जश्न भी पीछे रह गया। प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ आध्यात्मिक पर्व के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्री राम मंदिर पहुंच कर पूजा अर्चना की। मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा का आरोहण किया। जिस तकनीक से राम लाल के मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण हुआ था, उसी तकनीक से माता अन्नपूर्णा मंदिर के भी शिखर पर ध्वजारोहण हुआ। उन्होंने हनुमानगढ़ी पहुंचकर संकट मोचन हनुमान के दर्शन-पूजन किए। योगी आदित्यनाथ ने कहा
आरामः कल्पवृक्षाणां विरामः सकलापदाम्।
अभिरामस्त्रिलोकानां रामः श्रीमान्स नः प्रभुः॥
श्री राम जन्मभूमि मन्दिर, श्री अयोध्या धाम में प्रतिष्ठा द्वादशी के पुनीत अवसर पर रक्षा मंत्री के साथ ‘शरणागतवत्सल’ प्रभु श्री रामलला के दर्शन-पूजन का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की अनुकंपा से संपूर्ण जगत में धर्म, शांति और सद्भाव का विस्तार हो तथा सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हों, यही प्रार्थना है।
सियावर रामचन्द्र की जय।

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