जन भवन में परंपरागत खेलों को प्रोत्साहन

लखनऊ। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की प्रेरणा से प्रतिवर्ष जन भवन परिसर में परंपरागत खेलों का आयोजन किया जाता है। इस बात भी कई दिन तक प्रतियोगिता चली।
समापन समारोह में राज्यपाल ने पुरस्कार और प्रमाणपत्र वितरित किए। इस अवसर पर राज्यपाल ने
कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानसिक, बौद्धिक एवं आत्मिक विकास का भी सशक्त माध्यम हैं। खेलकूद से शरीर के सभी अंगों का व्यायाम होता है। दौड़ने से पैरों की, गेंद फेंकने से हाथों की तथा विभिन्न खेल गतिविधियों से मस्तिष्क की सक्रियता बढ़ती है। खेल बच्चों में निर्णय लेने की क्षमता, प्रतिस्पर्धात्मक भावना एवं आत्मविश्वास विकसित करते हैं, जिससे वे जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनते हैं। खेल बच्चों को भयमुक्त बनाते हैं और विपरीत परिस्थितियों से जूझने की शक्ति प्रदान करते हैं। खेल, शिक्षा और संस्कार के समन्वय से ही एक सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
इनका संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है।



