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नवजातों की जीवन-रक्षा के लिए अपना दुग्ध दान करने वाली माताओं को दिया माँ यशोदा गौरव सम्मान

पीड़ा को परोपकार में बदलने का काम कर रही मातृ दुग्ध बैंक, मातृ दुग्ध प्रदान करने की यह सेवा अलौकिक, अतुलनीय और प्रशंसनीय: पूज्य महाराज श्री नीरज नयन

आगरा। श्री चंद्रभान साबुन वाला सेवा ट्रस्ट द्वारा खतैना रोड, प्रताप नगर पर संचालित गर्भाधान संस्कार एवं मेटरनिटी होम में नवजातों की जीवन-रक्षा के लिए अपना दुग्ध दान करने वाली माताओं को माँ यशोदा गौरव सम्मान प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की गई।
मुख्य अतिथि कथा प्रवक्ता श्रद्धेय महाराज श्री नीरज नयन ने इस अवसर पर कहा कि मातृ दुग्ध बैंक पीड़ा को परोपकार में बदलने का काम कर रही है। मातृ दुग्ध प्रदान करने की यह सेवा अलौकिक, अतुलनीय और प्रशंसनीय है। सेवा से अंतःकरण पवित्र होता है और पवित्र अंतःकरण में भगवान का दर्शन होता है। अत: हम सब लोगों को ऐसे अनूठे सेवा प्रकल्पों से जुड़कर मानवीय संवेदना और मानवीय चेतना का विस्तार करना चाहिए।
उन्होंने दुग्ध दान करने वाली माँओं- प्रीति, रितु, दीपिका, शमा, शालू, प्रियंका और अनु तथा इस कार्य में सहयोग करने वाली एसएन मेडिकल कॉलेज की डॉ. रुचिका बैनेट और नर्सिंग ऑफिसर एडना के साथ-साथ मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक के मुख्य दानदाता मुंशी पन्ना परिवार के समाजसेवी नितिन अग्रवाल और सुलेखा अग्रवाल को पटका पहना कर, प्रमाण पत्र, उपहार व प्रसाद देकर सम्मानित किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम का संचालन करते हुए रमेश चंद्र अग्रवाल ने दिव्य संतान प्राप्त करने के लिए गर्भाधान संस्कार का महत्व बताया। श्री चंद्रभान साबुन वाला सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि इसी माह के आरंभ में नवजात शिशुओं की जीवन रक्षा के लिए मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक शुरू की गई थी। बैंक द्वारा अत्यंत अल्प समय में अपनी सार्थकता सिद्ध करते हुए 49 माताओं के सहयोग से लगभग 2610 मिलीलीटर मातृ दुग्ध संग्रह किया गया। 14 नवजात शिशुओं को 1090 मिली जीवनदाई अमृत किया प्रदान किया गया।
महामंत्री मनोज अग्रवाल और मंत्री राजीव जैन ने कहा कि माँ के दूध की हर बूँद में जीवन की आशा छिपी है। कोई भी माँ इस बैंक में अपने दूध का दान कर सकती है। एक छोटा सा योगदान एक बड़ा जीवनदान बन सकता है।
दुग्ध बैंक संयोजक राजकुमार गर्ग, नरेंद्र कुमार अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सीए अंकुर अग्रवाल, पारुल जैन, निधि अग्रवाल, एचके बंसल, राकेश गर्ग, श्वेता गर्ग और डॉ. सुवर्णा सिंह ने व्यवस्थाएँ संँभालीं। पूरे कार्यक्रम और सेवा प्रकल्प का निर्देशन आगरा और सूरत के प्रमुख समाजसेवी अशोक गोयल ने किया।

सनातन संस्कृति में मातृ दुग्ध की मिसाल प्रेरणादायक
आगरा और उत्तर भारत में पहली बार स्थापित मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक के पीछे सनातन संस्कृति की मिसाल प्रेरणादायक रही है। अशोक गोयल ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण देवकी से पैदा हुए थे लेकिन उनको माता यशोदा ने अपना दूध पिलाकर पाला। कर्ण कुंती से पैदा हुए थे लेकिन उनको अनुसूचित जाति की माँ राधा का दूध पीने को मिला था। भगवान कार्तिकेय शिव जी के तेज से पैदा हुए थे लेकिन उनको कृतिका नाम की माता ने पाला था। ऐसे अनेक उदाहरणों से हमारे शास्त्र भरे पड़े हैं। अब कलयुग में भी इस प्रकल्प के माध्यम से यह सब साकार होता हुआ दिख रहा है।

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