गायत्री ज्ञान मंदिर के ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत 461वाँ युगऋषि वाङ्मय की स्थापना सम्पन्न
ऋषि का सद्साहित्य नैतिक शिक्षा प्रदान करता है - उमानन्द शर्मा

लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत “टी०आर०सी० लॉ कॉलेज, सतरिख, बाराबंकी, उ०प्र०” के पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 461वाँ ऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। श्री विनय गुप्ता एवं श्रीमती सपना गुप्ता ने अपने प्रिय पुत्र श्री अंगद गुप्ता के उज्ज्वल भविष्य के लिए उपरोक्त संस्थान के केन्द्रीय पुस्तकालय में युगऋषि वाङ्मय साहित्य भेंट किया तथा संकाय सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भी भेंट किया।
इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ऋषि का सद्साहित्य नैतिक शिक्षा प्रदान करता है।” डॉ० नीलम गुप्ता, संस्थान के चेयरमैन डॉ० सुजीत चतुर्वेदी ने भी अपने विचार व्याक्तर किये। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डॉ० अश्विनी कुमार गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
वाङ्मय साहित्य स्थापना के इस अवसर पर गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि श्री उमानंद शर्मा, श्री देवेन्द्र सिंह, डॉ० नीलम गुप्ता, श्रीमती अर्चना गुप्ता, श्री विनय गुप्ता एवं श्रीमती सपना गुप्ता और संस्थान के डॉ० सुजीत चतुर्वेदी -अध्यक्ष शासी निकाय, डॉ० अश्विनी कुमार गुप्ता -प्राचार्य, डॉ० दीपमाला श्रीवास्तव -समन्वयक सांस्कृतिक कार्यक्रम, डॉ० नवीन कुमार सिंह, शैक्षणिक समन्वयक सहित अन्य संकाय सदस्य तथा छात्र-छात्रायें मौजूद रहे।



