आगराउत्तर प्रदेश

औषधि विभाग करेगा 2800 थोक दवा दुकानों का सर्वे, दोषी मिलने पर लाइसेंस होंगे निरस्त

आगरा में औषधि विभाग नकली और नशीली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए बड़ा अभियान चलाने जा रहा है। 2800 थोक दवा दुकानों का सर्वे किया जाएगा और पांच साल के रिकॉर्ड की जांच होगी। आवासीय परिसर में चल रही दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। पिछले साल भी विभाग 72 करोड़ की दवाएं जब्त कर चुका है, जिससे इस बार की कार्रवाई और सख्त मानी जा रही है। आगरा में नकली और नशीली दवाओं की बिक्री पर लगाम लगाने के लिए औषधि विभाग अब बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में है। जिले की करीब 2800 थोक दवा दुकानों को जांच के दायरे में लाया जा रहा है। सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।

औषधि विभाग जल्द ही एक विशेष अभियान चलाकर सभी थोक दवा कारोबारियों का सर्वे करेगा। उनके लाइसेंस, स्टॉक और सप्लाई चैन की जांच की जाएगी। दवाओं के स्रोत और वितरण की पूरी पड़ताल होगी। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस सर्वे के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं नकली या नशीली दवाओं का अवैध नेटवर्क तो नहीं चल रहा।

आवासीय परिसर में दुकान? लाइसेंस होगा रद्द

विभाग ने साफ कर दिया है कि जिन दुकानों का संचालन आवासीय परिसरों से हो रहा है या जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहीं उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। यह कदम दवा भंडारण और बिक्री के नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए उठाया जा रहा है।

5 साल का रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश

सर्वे के दौरान कारोबारियों को अपने पिछले पांच वर्षों के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड प्रस्तुत करने होंगे। सर्वे टीम स्टॉक रजिस्टर और बिलिंग की जांच करने के साथ ही दवाओं की सप्लाई का ट्रैक रिकॉर्ड जांचेगी। किसी भी अनियमितता पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे यह पता लगाया जाएगा कि कहीं अवैध दवाओं का लेन-देन तो नहीं हुआ।

पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

औषधि विभाग पहले भी सख्त कार्रवाई कर चुका है, जिससे इस अभियान की गंभीरता साफ होती है। पिछले वर्ष चलाए गए विशेष अभियान में करीब 72 करोड़ रुपये की नकली और संदिग्ध दवाएं जब्त की गई थीं। कई लाइसेंस निलंबित और निरस्त किए गए थे और अवैध गोदामों पर छापेमारी कर बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था। इन कार्रवाइयों ने आगरा में दवा माफिया की जड़ें हिलाकर रख दी थीं।

विभाग का सख्त संदेश

सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने स्पष्ट कहा है कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकली और नशीली दवाओं के कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

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